सत्र 1 (Understanding Breathing)

1. a. श्वास की समझ (Understanding Breathing) एवं श्वास पर ध्यान देना: 15 मिनट

उद्देश्य: इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को साँस के अंदर आने और बाहर जाने की प्रक्रिया के प्रति सजग करना है।

गतिविधि के चरण: विद्यार्थियों से ये प्रश्न करते हुए शुरूआत करें-
  • हम सब किस अंग से सूंघते हैं? (अपनी नाक से)
  • आपकी नाक कहाँ है? (नाक की तरफ इशारा कर सकते हैं|)
  • आपने कौन-कौन सी चीजों /वस्तुओं की ख़ुशबू सूंघी है?
  • क्या आपने कभी कोई फूल सूँघा है? कौन सा फूल आपको सबसे अधिक पसंद है? (गुलाब, गेंदा, चंपा आदि।)
निर्देश देते हुए यह गतिविधि स्वयं भी करें और विद्यार्थियों से अनुकरण करने के लिए कहें -
  • अपने एक हाथ को अपने नाक के नीचे लेकर आएँ। मान लीजिए कि हमारे हाथ में एक फूल है। इस फूल को सूंघने का प्रयास करें। जब हम फूल को सूंघ रहे हैं, तो हम साँस अंदर ले रहे हैं। अब फूल को फूंक मारकर उड़ा देते हैं। जब हम फूँक मारते हैं तो हम साँस बाहर छोड़ रहे होते हैं। हवा नाक से अंदर आती है और इसी तरह साँस छोड़ने पर हवा नाक या मुँह से बाहर जाती है।
इस फूल वाली गतिविधि को कम से कम 2 सप्ताह तक कराया जाए। जब लगे कि विद्यार्थी साँस के अंदर आने और बाहर जानें के बारे में जागरूक हो चुके हैं तो इस गतिविधि को बंद किया जा सकता है।

गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित बिंदु: (शिक्षक अपनी तरफ से भी प्रश्न पूछ सकते हैं जिससे इस गतिविधि के उद्देश्य प्राप्त किए जा सकें। )
  • विद्यार्थियों! हमारे हाथ में क्या था? (फूल) 
  • हमने फूल की ख़ुशबू कैसे सूंघी? (अपनी नाक से) 
  • हम साँस कहाँ से लेते हैं? (अपनी नाक से) 
  • ख़ुशबू सूंघने के लिए हमने साँस अंदर ली या बाहर छोड़ी? (अंदर) 
  • फूल हमारे हाथों से कैसे उड़ा? (साँस बाहर निकालने पर)
b. श्वास पर ध्यान देना

उददेश्य: इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों का ध्यान अपनी अंदर आती और बाहर जाती साँस पर ले जाना है।

क्या करें और क्या न करें:
  • यह सुनिश्चित करें कि हर बच्चा साँस लेने व छोड़ने की प्रक्रिया से अवगत हो।
  • ध्यान रखें कि विद्यार्थियों को साँस के अंदर-बाहर होने और पेट के अंदर-बाहर होने का तालमेल समझ आ रहा हो।
गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को बताया जाए कि Mindful Breathing में हम अपना ध्यान अपनी साँस पर ले कर आते हैं और हर अंदर-बाहर जाती साँस पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह ध्यान देने की प्रक्रिया का मूल अभ्यास है और इसे हम हर बार करेंगे।
  • आरामदायक स्थिति में बैठकर अपनी आँखें बंद करने को कहें।
  • उसके बाद अपने पेट पर एक हाथ रखने के लिए कहें।
  • विद्यार्थियों के ध्यान को श्वास के साथ-साथ पेट पर भी लेकर आना है। विद्यार्थियों को कहें कि वे इस बात पर ध्यान दें कि सांस लेते और छोड़ते समय आपका पेट कब फूलता है और कब सिकुड़ता है।
  • इस बीच यदि यह दिखता है कि विद्यार्थियों का ध्यान अपने श्वास एवं पेट से हट गया है तो सहज रूप से निर्देश दोहराएं।
  • गतिविधि को 1 से 2 मिनट तक करवाने के बाद विद्यार्थियों से यह गतिविधि पेट पर हाथ रखकर दुबारा करने को कहें।
  • विद्यार्थियों से पूछें कि अब सांस लेते हुए और छोड़ते समय पेट कब अंदर आया और कब बाहर गया।
  • गतिविधि को 1 से 2 मिनट तक करवाने के बाद निम्न बिंदुओं पर चर्चा करें। इसके बाद, गतिवधि को पुनः करवाएँ।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित बिंदु:
  • क्या आपने अपने पेट को फूलते हुए महसूस किया?
  • क्या आपने अपने पेट को अंदर जाते हुए महसूस किया?
  • आपका पेट कब अंदर गया? (जब साँस बाहर निकाला।)
  • क्या पहले कभी आपका ध्यान ‘साँस लेते समय पेट के अंदर-बाहर होने’ पर गया था?
  • जब हम पेट के साथ-साथ श्वास पर भी ध्यान देते हैं तो हमारी साँस धीमी और गहरी होती है। हम कभी भी कहीं भी इस प्रकार का अभ्यास कर सकते हैं।
शिक्षक के लिए नोट- शिक्षक बच्चो से उत्तर लेते समय उनके द्वारा दिए गए सभी उत्तरों को सहजता से लें एवं उन पर सही या गलत होने की टिप्पणी न दें।  

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