2. भूल जाना बेहतर है

कहानी का उद्देश्य: मधुर सम्बन्धों को बनाए रखने के लिये क्षमा बहुत महत्वपूर्ण है।अनचाही घटनाओं को भूल जाना ही बेहतर है।
समय: कम से कम दो दिन अथवा शिक्षक के संतुष्ट होने तक

कक्षा की शुरुआत दो-तीन मिनट ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए

कहानी
एक बार दो मित्र मोहन और सुरेश कहीं घूमने के लिए निकले।चलते चलते रास्ते में एक नदी आ गई। मोहन से टकराकर सुरेश गिर गया। सुरेश ने मोहन को एक चांटा लगा दिया। मोहन को दुख हुआ। उसने रेत पर लिखा,"आज मेरे मित्र सुरेश ने मुझे एक चांटा लगाया।"
नदी थोड़ी गहरी थी और कीचड़ भी था। नदी पार करते करते मोहन का पैर फिसल गया और वह डूबने लगा।सुरेश तुरंत आगे बढ़ा और उसने मोहन का हाथ पकड़ लिया। धीरे-धीरे उसे नदी पार करवा दी। नदी पार होने पर मोहन ने सुरेश का धन्यवाद किया। उसे गले से लगाया और पत्थर पर लिखा, “आज मेरे मित्र सुरेश ने मेरी जान बचाई है” । यह देखकर सुरेश ने मोहन से पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया कि पहले जब मैंने तुम्हें थप्पड़ मारा तो तुम ने रेत पर लिखा और जब मैंने तुम्हारी जान बचाई तो तुमने पत्थर पर लिखा। मोहन बोला ,"जो मैंने इस रेत पर लिखा है वह तो हवा के एक झोंके से मिट जाएगा परंतु जो मैंने पत्थर पर लिखा वह देर तक लिखा रहेगा"।

चर्चा की दिशा
अक्सर हम दूसरों की गलतियों को भूल नहीं पाते, परंतु दूसरों से अपेक्षा करते हैं कि हम से कोई भूल हुई है उसे याद न रखें। कितना अच्छा हो कि हम अच्छी बातें सदा याद रख कर अनचाही घटनाओं को भूल जाने का प्रयत्न करें। अनचाही घटनाओं को भुला कर अपनी खुशी सुनिश्चित की जा सकती है।

पहला दिन:

चर्चा के लिए प्रश्न
1. सभी विद्यार्थी बारी बारी सामने आकर किन्हीं 2-3विद्यार्थियों की अच्छी बातें साझा करें।
2. ऐसी घटना साझा करें कि जब आप मदद कर सकते थे, परन्तु नहीं की।
3. हमें अक्सर क्या याद रहता है?दूसरों की गलतियां या दूसरों के अच्छे काम?
4. क्या आपको लगता है कि हमें दूसरों की गलतियाँ भूल जानी चाहियें, और अच्छे काम सदा याद रखने चाहिए ? क्यों ? चर्चा करें।

घर जाकर देखो, पूछो समझो (विद्यार्थियों के लिए
अपने मित्रों एवं प्रियजनों से पूछें कि उन्हें अपने जीवन की कौन कौन सी घटनाएं याद हैं?
इन में से किस को याद करके उन्हें खुशी मिलती है और किस घटना को याद करने से तकलीफ होती है? क्या जिन घटनाओं को याद करने से तकलीफ होती है उन्हें भूल जाते हैं?

कक्षा के अंत में एक 2 मिनट शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें

दूसरा दिन

कक्षा की शुरुआत दो-तीन मिनट ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए

कहानी पर एक बार पूरी तरह से कक्षा में पुनरावृत्ति कराई जाए। कहानी की पुनरावृत्ति विद्यार्थियों द्वारा की जाए, आवश्यकता होने पर शिक्षक उसमें सहयोग कर सकते हैं। पहले दिन के चिंतन के प्रश्नों को शेष विद्यार्थियों से भी पूछा जा सकता है। (जिन्होंने उत्तर पहले दिन नहीं दिए)
घर से मिले फीडबैक के आधार पर पिछले दिन के चर्चा के प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी छोटे समूह में बातचीत करेंगे।

चर्चा के लिए कुछ अन्य प्रश्न
1. अपनी गलतियां को बार बार याद करके या उनका कहीं उल्लेख होने पर आपको कैसा लगता है? क्या आप दूसरों की गलतियों का बार बार उल्लेख करते हैं?
2. दूसरों की गलतियां बार-बार याद करके आपको अच्छा लगता है या बुरा (happy महसूस करते हैं या unhappy) ? चर्चा करें।
3. ऐसा उदाहरण बताओ जब आपके मित्र ने आपसे हुई गलती को बहुत दिन याद रखा और आपको अच्छा नहीं लगा।विद्यार्थी स्वेच्छा से इसका कारण भी साझा कर सकते हैं।
4. ऐसा उदाहरण बताओ जब आपके मित्र से कोई गलती हुई हो और आपने उसे बहुत दिन तक याद रखा हो।
5. आज की इस चर्चा के बाद आप अपने उस मित्र से कुछ कहना चाहेंगे?(शिक्षक, सभी को अपनी बात कहने का थोड़ा समय दें।)

कक्षा के अंत में एक 2 मिनट शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें

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  1. हाथी की रस्सी
  2. भूल जाना बेहतर है
  3. राष्ट्रपति
  4. शिकायतों का बोझ
  5. शहर की ओर /किसका फैसला
  6. शरीर का घमंड
  7. पिकासो की पेंटिग
  8. पार्क
  9. वर्कशॉप
  10. मेरा नया दोस्त
  11. व्यर्थ क्या
  12. कौन: पेन या मित्र?
  13. जीत किसकी
  14. दो दिन बाद
  15. मेरी गलती/नेपोलियन
  16. सही दर्पण
  17. तीन मज़दूर तीन नज़रिये
  18. बैंडेड
  19. चाँद तारे
  20. कहानी एक बीज की

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