19. वाणी और लाल गुब्बारा

कहानी का उद्देश्य: विद्यार्थियों का ध्यान इस ओर जाए कि वस्तु की उपयोगिता हमारे जीवन मे कितनी है और वस्तुएँ साझा करने से हमें भी अच्छा महसूस होता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

कहानी:
वाणी अपने दोस्तों के साथ मैदान में खेल रही थी। तभी उसके कानों में एक आवाज़ आई- “गुब्बारे ले लो! रंग-बिरंगे गुब्बारे!” वह दौड़ कर गुब्बारे वाले के पास पहुँची। वह रंग-बिरंगे गुब्बारे लेकर खड़ा था। उसके पास लाल, हरे, नीले, गुलाबी रंगों के बहुत सारे गुब्बारे थे।
वह एक गुब्बारे की ओर इशारा करते हुए बोली, “मुझे वह लाल वाला गुब्बारा चाहिए।”
गुब्बारे वाले ने कहा, “पैसे हैं?”
वह अंदर जाकर माँ से रुपए ले आई और गुब्बारे वाले को देकर अपनी पसंद का गुब्बारा ले लिया। वह बहुत ख़ुश हुई। वह पूरे दिन अपने गुब्बारे के साथ खेलती रही। माँ ने वाणी को खाना खाने के लिए कहा तो वाणी ने अपना गुब्बारा दरवाज़े की कुंडी पर बाँध दिया और खाना खाने लगी। गुब्बारे की गाँठ कुछ हल्की लगी थी।
अचानक वह गुब्बारा खुलकर आसमान में उड़ गया। वाणी उसके पीछे भागी लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। उसे बहुत बुरा लगा। परंतु तभी उसकी नज़र मैदान में कुछ बच्चों पर पड़ी जो उसके उड़ते गुब्बारे को देख तालियाँ बजाते हुए उछल रहे थे।
बच्चों की मुस्कराहट और ख़ुशी देखकर उसके चेहरे पर भी मुस्कुराहट छा गई। वाणी अब बहुत अच्छा महसूस कर रही थी और वो भी उड़ते हुए गुब्बारे को निहारने लगी।

चर्चा के प्रश्न:
1. जब आपकी कोई पसंद की चीज आपसे खो जाती है, तब आपको कैसा लगता है?
2. अगर कोई चीज़ खो जाती है, तो क्या आप हमेशा उदास रहते हैं?
3. कभी ऐसा हुआ है कि आपकी कोई चीज़ किसी और के काम आई हो?
4. तब आपको कैसा लगा?
5. जब आपके किसी काम से किसी को खुशी मिलती है तब आपको कैसा लगता है?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

चर्चा की दिशा :
किसी भी वस्तु की सही उपयोगिता तभी है यदि वह ज़्यादा व्यक्तियों के लिए उपयोगी और उपलब्ध हो जाए। साथ ही परस्परता में ही सुख है। विद्यार्थियों से चर्चा की जा सकती है कि यदि उनकी कोई वस्तु अन्य लोगों के लिए भी उपयोगी हो जाती है तो उन्हें कैसा लगता है।

घर जाकर देखो, पूछो, समझो (विद्यार्थियों के लिए)
आज हम घर पर देखेंगे कि कब-कब किसी एक की वस्तु किसी दूसरे के काम आई। साथ ही हम पता लगाएंगे कि तब उन्हें कैसा लगा?

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  1. मीठा सेब
  2. राजू का टिफिन बॉक्स
  3. ख़ुशबूदार रबड़
  4. नया दोस्त
  5. गुठली किसकी?
  6. नोनी की चोट
  7. चलो बनाएँ पकौड़े
  8. रानी की गुड़िया
  9. भैया का रूमाल
  10. रिया गई स्कूल
  11. बड़ी बिल्डिंग
  12. मेरी गुल्लक
  13. रंग-बिरंगा दरवाज़ा 
  14. संजू का तौलिया
  15. बिस्कुट किसका?
  16. हम लोग
  17. मैं कर सकता हूँ
  18. डर भगाओ
  19. वाणी और लाल गुब्बारा
  20. मुझे अच्छा लगता है
  21. टूटी पेंसिल
  22. जॉय की खुशी
  23. नन्ही बहन
  24. मेला
  25. पेन सेट

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