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कक्षा 1: माइंडफुलनेस

ध्यान देने की प्रक्रिया (Mindfulness) – एक परिचय

किताब के इस पृष्ठ को पढ़ने के लिए थोड़ा सा कुछ अलग करते हैं...
यदि आप भी मेरी तरह किसी किताब का परिचय वाला पन्ना छोड़ देते हैं, तो आप इस क्षण नीचे दिए गए प्रयोग को करके देखें -
आप यह पढ़ते समय ध्यान दें कि आपका ध्यान कहाँ है? आपने जो इस पल अपने हाथ में किताब पकड़ी हुई है, उसके प्रति सजग हो जाएँ। देखें, क्या आप इस किताब के भार को महसूस कर पा रहे हैं? इस किताब के पन्ने के रंग को देखें; हर अनुच्छेद (paragraph) के बीच के अंतर पर ध्यान दें; हर वाक्य के बीच के अंतर पर ध्यान दें; अक्षर की बनावट को देखें।
अब अपना ध्यान अपनी बैठने की स्थिति पर दें। यदि आप कुर्सी पर बैठें हैं तो आप अपने शरीर और कुर्सी के संपर्क को महसूस करें। ध्यान दें कि आप इस क्षण कैसा महसूस कर रहे हैं? यदि मन में किसी तरह के विचार और भावनाएँ हैं, तो एक क्षण के लिए उन पर ध्यान दें। बिना किसी तरह के विचार में उलझे हुए अपना ध्यान अपने अंदर आती हुई साँस पर ले आएँ और फिर बाहर जाती हुई साँस के साथ अपने आस-पास के वातावरण में मौजूद आवाज़ों के प्रति सजग हो जाएँ।
स्वयं के साथ बिताए गए इस क्षण के लिए आप, अपने आप की सराहना करें। आपने अभी जो अनुभव किया, यह ध्यान देने की प्रक्रिया का एक उदाहरण है।
जब हम अपना ध्यान अपने आस-पास के वातावरण व स्वयं पर लेकर जाते हैं तब हम अपने अंदर एक नई ऊर्जा एवं स्थिरता का अनुभव करते हैं और वह हमारी अंतर्दृष्टि विकसित करता है।
अन्य किसी भी कौशल की तरह ही ध्यान की प्रक्रिया को भी सीखा जा सकता है। जिस तरह से संगीत, नृत्य, गाड़ी चलाना, आदि को सीखने के लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता पड़ती है, ठीक उसी तरह ध्यान के लिए भी अभ्यास की आवश्यकता होती है। ध्यान के माध्यम से हम मन की स्थिरता व संतुलन का अनुभव कर सकते हैं।

बच्चे एवं ध्यान देने की प्रक्रिया (Mindfulness)
बच्चों का मूल स्वभाव रचनात्मक एवं कल्पनाशील होता है। उनकी सहज प्रवृत्ति (natural tendency) वर्तमान में रहने की ही होती है। जब वे कोई भी कार्य करते हैं तो वे उसी के बारे में सोचते हैं। जैसे - अगर वे खेल रहे हैं, तो वे उस समय खेलने के बारे में ही सोचते हैं। जब वे खा रहे हैं तो वे केवल खाने के बारे में ही सोचते हैं। परन्तु आजकल की भाग-दौड़ और प्रतियोगिता के दौर में, बच्चों पर कई प्रकार के दबाव बनने शुरू हो जाते हैं। जैसे-जैसे वे बड़े होने लगते हैं, स्कूल जाने लगते हैं, उनके ऊपर उम्मीदों का बोझ बढ़ने लगता है। ऐसे में, खेलते समय उनके मन में पढ़ाई का विचार आ जाना या फिर पढ़ाई करते समय घर की किसी और बात का विचार आ जाना अब सामान्य बात होने लगी है। उनका ध्यान और मन भटकने लगता है। वे या तो गुज़रे हुए समय के बारे में सोच रहे होते हैं, या फिर उनका ध्यान भविष्य की योजना में लगा होता है। ध्यान देने के अभ्यास में हम बच्चों को वर्तमान में रहना सिखाएंगे। इस अभ्यास की एक और विशेषता यह भी है कि वे इसमें बिना किसी पूर्वधारणा के, अच्छे - बुरे का निर्णय लिए बिना, वस्तुओं और परिस्थितियों को अपने वास्तविक रूप में देखना सीखेंगे।
ध्यान देने के अभ्यास में हम अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का ध्यान केंद्रित करवाएँगे, जैसे- ध्यान दे कर सुनना, जिसमें बच्चे अपने वातावरण में मौजूद आवाज़ों के प्रति जागरूक (aware) होंगे; ध्यान दे कर देखना, जिसमें बच्चे अपने वातावरण या किसी वस्तु को देखेंगे; श्वास पर ध्यान देना, जिसमें बच्चे अपना ध्यान अपनी साँसों की प्रक्रिया पर केंद्रित करेंगे; शरीर के खिंचाव पर ध्यान देना, जिसमें हाथ या पैर की अलग-अलग स्थिति में शरीर के खिंचाव की ओर ध्यान देंगे; विचारों पर ध्यान देना, जिसमें बच्चे अपने विचारों को पहचानेंगे और वर्तमान क्षण में अपने विचारों को आते-जाते देखेंगे।
ध्यान के अभ्यास से बच्चों को कई तरह के लाभ होते हैं, जैसे-

  • लम्बी अवधि के लिए एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का विकास (sustained attention)
  • शैक्षिक प्रदर्शन (academic performance) का बेहतर होना
  • भावनात्मक सुढृढ़ता (emotional stability) का बेहतर होना
  • शांति और ख़ुशी का एहसास बढ़ाना (sustained happiness)
  • हाइपर-एक्टिविटी (hyperactivity) कम होना
  • क्रोध कम आना
  • एक-दूसरे को समझने की क्षमता का विकास (empathy)
  • वर्तमान में जीने की क्षमता का विकास
  • सोच-समझ कर निर्णय लेने की क्षमता का विकास

हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों रोज़ाना का एक पीरियड हैप्पीनेस विषय का होगा। इस पाठ्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियाँ होंगी, उनमें से एक महत्त्वपूर्ण गतिविधि है - “ध्यान देने का अभ्यास”। आज पूरी दुनिया में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जहाँ ध्यान का अभ्यास न किया जाता हो। प्राचीन भारतीय शिक्षा परंपरा में ‘ध्यान करने’ पर नहीं, बल्कि ‘ध्यान देने’ पर ज़ोर रहा है। हैप्पीनेस कार्यक्रम के तहत स्कूल में आने वाला हर बच्चा, ध्यान देने का अभ्यास करेगा।

ध्यान की कार्यप्रणाली (Methodology):

  • ध्यान की कक्षा का अभ्यास सार्वभौमिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। इसका किसी भी तरह के धर्म, संप्रदाय, जाति या वर्ग से कोई संबंध नहीं है।
  • कक्षा 1 में हर सप्ताह 2 दिन (सोमवार व गुरूवार) ‘ध्यान देने’ का पीरियड होगा। हर पीरियड में एक सत्र करवाएँ। इस सत्र को सप्ताह के दूसरे पीरियड भी दोहराएँ। इस प्रकार एक सप्ताह में एक सत्र करवाएँ। 
  • इस सत्र के दौरान 25 मिनट के पीरियड में तीन प्रमुख चरण होंगे:

1.a. शुरुआत में 3 से 5 मिनट का माइंडफुलनेस चेक इन।

1.b. 5 मिनट की ध्यान देने की प्रक्रिया पर चर्चा- इसमें हर सप्ताह कुछ अलग अलग बच्चों से उनका अनुभव पूछे और चर्चा करें।
शिक्षक से अनुरोध है कि वे बच्चों को किसी भी अपेक्षित परिणाम का सुझाव न दे बल्कि बच्चों को स्वयं के अंदर खोज कर जवाब देने में मदद करें।

2. माइंडफुलनेस के अभ्यास के तहत शरीर में चल रही घटनाओं/अपने विचार या भावनाओं के प्रति सजगता के अभ्यास के लिए दी गई अलग-अलग गतिविधि को कक्षा में करवाएँ। ये गतिविधियाँ हर सत्र में अलग-अलग होंगी। इसके बाद किए गए अभ्यास पर चर्चा होगी। शिक्षक से अनुरोध है कि प्रति सप्ताह होने वाले इस अभ्यास उपरांत चर्चा में अलग-अलग छात्रों को अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करें और कोशिश करें कि 3 से 4 सप्ताह में हर बच्चा अपनी बात ज़रूर रखे।

3. कक्षा अंत करते हुए आखिर में हर रोज़ की तरह 2 मिनट का माइंडफुलनेस का अभ्यास करवाएँ।

ध्यान रखने की बातें :

  • ध्यान रखें कि इस दौरान बच्चों को किसी शब्द या मंत्र का उच्चारण करने को न कहें।
  • हैप्पीनेस व ध्यान की कक्षा में किसी तरह की तनावपूर्ण अभिव्यक्ति जैसे- किसी बात पर बच्चों को सख़्त शब्दों में निर्देश न दें व उनपर किसी प्रकार का दबाव न डालें।
  • चर्चा के दौरान सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

शिक्षक के लिए कुछ विशेष ध्यान में रखने की बातें:

  • ध्यान की इस कक्षा में आप स्वयं भी सक्रिय भागीदार बनें। जैसे, ध्यान का अभ्यास करवाते समय आप भी अभ्यास करें।
  • जब कक्षा में प्रवेश करें तो अपनी मनःस्थिति को लेकर सजग रहें व कोशिश करें कि आपके विचार और भावनाएँ स्थिर रहें। याद रखें कि बच्चा शिक्षक के व्यवहार पर भी ध्यान देता है।
  • बच्चों के साथ प्यार, सौहार्द व विनम्रता के साथ पेश आएँ और मधुर भाषा में बात करें।
  • ध्यान की प्रक्रिया शुरू होने के पहले यह सुनिश्चित करें कि कक्षा का वातावरण शांत हो और हर बच्चा अपने आप को सहज महसूस करे। यह भी देखें कि ध्यान के पश्चात वह अपने अनुभव साझा कर सके। कोई भी बच्चा एक सुरक्षित और सहज वातावरण में ही अपनी बात कहना चाहता है या कह पाता है।
  • ध्यान के अभ्यास से हमारा उद्देश्य विचारों या भावनाओं से दूर होना या उनको दबाना नहीं हैं। हमारे इस प्रयास का उद्देश्य बच्चों को अपने वातावरण, संवेदनाओं, विचारों एवं भावनाओं के प्रति सजग करना है जिससे वे अपने सामान्य व्यवहार में सोच-विचार करके बेहतर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो जाएँ।

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  • सत्र 1 (Understanding Breathing)
  • सत्र 2 (साइमन कहता है)
  • सत्र 3 (आलाप)
  • सत्र 4 (निर्देश अनुसार कार्य करना)
  • सत्र 5 (Mindful Listening)-I
  • सत्र 6 ध्यान दे कर सुनना(Mindful Listening)- II
  • सत्र 7 ध्यान दे कर सुनना (Mindful Listening)- III
  • सत्र 8 ध्यान दे कर सुनना (Mindful Listening)- IV
  • सत्र 9 Mindful Seeing- I
  • सत्र 10 ध्यान दे कर देखना (Mindful Seeing)- II
  • सत्र 11 (Heartbeat Activity)
  • सत्र 12 (Mindful Touch)
  • सत्र 13 (Mindful Scribbling)
  • सत्र 14 ध्यान पूर्वक खिंचाव ( Mindful Stretching-I)
  • सत्र 15 ध्यान पूर्वक खिंचाव( Mindful Stretching-II)
  • सत्र 16 (Mindful Walking)
  • सत्र 17 (Mindfulness of Feelings)
  • सत्र 18 (Mindfulness of Feelings- II)

30. क्या ग़ायब, क्या नया?

गतिविधि का उद्देश्य: अपने आस पास के वातावरण पर ध्यान देना और समझना। बदलाव को स्वीकार कर पाना।
आवश्यक सामग्री: किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक के लिए नोट: विद्यार्थी यदि अपने आस पास के वातावरण की ओर ध्यान देते हैं और समझ पाते हैं तो उन्हें अपने वातावरण में सहजता महसूस होती है। सहज वातावरण में आपसी विश्वास और सहयोग का भाव बना रहता है और हम अपने काम को दक्षतापूर्वक कर पाते हैं।
यदि हमारे आस पास के वातावरण में कोई बदलाव होता है,तो उसको स्वीकार करना और समझना भी आवश्यक है जिससे वातावरण में सहजता बनी रह सकती है। आस पास के वातावरण में हुए बदलाव की उपयोगिता को भी हम समझ पाते हैं और स्वीकार कर पाते हैं। जो जैसा है, उसको उसी रूप में स्वीकार करने से हमें परस्परता में सुख महसूस होता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को 8-10 के समूहों में बाँटकर गोलाकार में बैठाएँ।
  • विद्यार्थियों को समूह में चारों ओर देखने और ध्यान देने के लिए कहें कि उनके समूह में कौन- कौन है?
  • अब विद्यार्थी अपनी आँखें बंद करें।
  • उन्होंने जो देखा है उसके बारे में याद रखने या सोचने का प्रयास करें।
  • अब शिक्षक प्रत्येक समूह से एक विद्यार्थी को बदल दें।(सभी विद्यार्थी आँख बंद रखें और शिक्षक बिना आवाज़ किए यह चरण करें।)
  • अब विद्यार्थी अपनी आँखें खोलें और अपने समूह में नए विद्यार्थी की पहचान करें और ग़ायब विद्यार्थी का नाम बताएँ।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या आप अपने आस-पास की चीजों को ध्यान से देखते हैं?
  • जब आपकी आँखें बंद थीं, क्या तब आपका ध्यान आस-पास की हलचल पर गया था?
  • जिन विद्यार्थियों को शिक्षक ने एक समूह से दूसरे समूह में बदला, उनसे चर्चा करें कि उन्हें दूसरे समूह में जाते हुए कैसा महसूस हुआ? ऐसा क्यों लगा?
  • जब हमारे आस-पास कुछ बदलता है तो हमें कैसा महसूस होता है?
  • जब हमारे समूह में नया साथी आया तब हमें कैसा महसूस हुआ?
  • जब आपके घर कोई मेहमान आता है, तो आपको कैसा लगता है? जैसा आपको लगता है, वैसा क्यों लगता है?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
  • शिक्षक निर्देशों के बारे में बिल्कुल स्पष्ट हों।
  • सभी की भागीदारी सुनिश्चित करें।
करके देखें:
आज जब आप विद्यालय से घर जाएँ, तब रास्ते में एवं घर पहुँचकर ग़ौर करें कि आपको कल की तुलना में क्या-क्या बदलाव आया दिख रहा है। अपने अनुभव अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।

----------------------------
  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

29. उनकी तरह अभिनय करें

गतिविधि का उद्देश्य: छात्र परिवार में विभिन्न भूमिकाओं के महत्व की पहचान करने में सक्षम हों और यह जान सकें कि किस प्रकार उनके कार्य पूरे परिवार के लिए पूरक हैं।

शिक्षक नोट: परिवार में सभी सदस्यों की उपयोगिता की जानकारी बच्चे को सबके साथ मिलकर जीने को प्रेरित करेगी। साथ ही वह सभी के साथ जुड़ाव महसूस करते हुए स्वयं की उपयोगिता को देखेगा। इस प्रकार परिवार एक इकाई के रूप में विकसित होगा।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
एक एक करके विद्यार्थियों को परिवार के निम्नलिखित सदस्यों में से किसी एक की भूमिका निभाने के लिए कहा जाए और अन्य बच्चे व्यक्ति और उनका कार्य पहचानें:
  • माँ
  • पिता
  • दादी/नानी
  • दादा/नाना
  • बेटा
  • बेटी
* शिक्षक द्वारा निम्नलिखित स्थितियों के सुझाव दिए जा सकते हैं:
  • पिता रसोई में मां की मदद करते हैं।
  • माँ मेहमानों का अभिवादन करती हैं।
  • बड़े भाई/बहन छोटे भाई/बहन की मदद करते हैं।
  • पिता काम से वापस आते हैं और आपके साथ खेलते हैं।
  • दादाजी या दादीजी पार्क में टहल रहे हैं।
  • मम्मी या पापा काम पर जा रहे हैं।
  • मां या दादी कोई काम कर रहे हैं।
* शिक्षक बच्चों को इन स्थितियों से आगे बढ़कर खुद सोचने के लिए कहे।
(यदि समय कम हो, तो 10 छात्र अभिनय के लिए आगे आ सकते है और अन्य अनुमान लगा सकते हैं।)

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपके द्वारा अभिनीत (नाटक किए गए) पारिवारिक सदस्य के गुण साझा करें।
  • क्या उनकी भूमिका परिवार के लिए ज़रूरी है?
  • क्या कोई ऐसी चीज है जो उस व्यक्ति को अपने काम के बदले में मिलती है?
  • यदि मम्मी या पापा या कोई अन्य सदस्य अपना काम न करे तो क्या होगा?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें:
आज घर जाकर, इस गतिविधि के बारे में अपने माता पिता से चर्चा करें और अपना अनुभव अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

28. साथी की अच्छी बात

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़े और आपस में मित्रता बढ़े।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट: शिक्षक इस बात का ध्यान रखें कि विद्यार्थियों का ध्यान दूसरों की अच्छी बातों पर जा पाए। इससे विद्यार्थियों के बीच अच्छे संबंध स्थापित होंगे। अक्सर हमारा ध्यान दूसरों पर तब जाता है जब वह कोई गलती करता है। केवल दूसरे की गलतियां देखने से संबंधों में दरारें आती हैं। हर व्यक्ति में अच्छी बातें होती ही है। दूसरे की खूबियाँ दिखने पर, हम गलतियों से प्रभावित नहीं होते बल्कि हम उसके लिए समाधान के साथ प्रस्तुत होने का प्रयास करते हैं। साथ ही, किसी की सराहना करने से उसमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अच्छे काम करने के लिए वह प्रेरित होता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • कक्षा के सभी विद्यार्थियों को जोडों में बिठाएँ।
  • पहला विद्यार्थी दूसरे विद्यार्थी की 2 अच्छी बातें सोचे और उसे बताए तथा दूसरा विद्यार्थी उसकी अच्छी बात सुनने के बाद पहले विद्यार्थी को धन्यवाद कहे।
  • दूसरा विद्यार्थी भी पहले विद्यार्थी की 2 अच्छी बातें करे तथा पहला विद्यार्थी भी दूसरे को धन्यवाद कहे।
  • उनमें से कुछ विद्यार्थियों को कक्षा में आगे बुलाकर भी उनकी शेयरिंग कराएँ।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपको अपनी अच्छी बात सुनकर क्या महसूस हुआ?
  • क्या आप भी दूसरों के बारे में अच्छी बातें इस गतिविधि से पहले सोचते थे? किस प्रकार से?
  • आपका ध्यान दूसरों की अच्छी बातों पर ज़्यादा जाता है या गलतियों पर? क्यों?
  • रिश्ते/सम्बंध दूसरों की अच्छी बातों पर ध्यान देने से बनते हैं या दूसरों की गलतियों पर ध्यान देने से? ऐसा क्यों?
अतिरिक्त प्रश्न:
  • क्या आपका ध्यान अपनी अच्छाइयों पर जाता है? क्या आपका ध्यान अपनी गलतियों पर भी जाता है? क्या आप कोई बात/घटना बताना चाहेंगे जब आपने अपनी ग़लती पर ध्यान न दिया हो और आपको बाद में पता चला हो? 
  • आप अपने साथी की कौन सी अच्छी बात अपनाना चाहेंगे?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
शिक्षक भी सभी विद्यार्थियों की कोई एक अच्छी बात शेयर करें। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा। (इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि केवल कुछ ही विद्यार्थियों की बात न की जाए।)

करके देखें:
घर जाकर आप अपने माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर यह गतिविधि करें। अगली हैप्पीनेस क्लास में अपना अनुभव साझा करें। 

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

27. मुझमें क्या बदला पहचानो

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को अपने वातावरण के प्रति सजग करना
आवश्यक सामग्री: कुछ नहीं

शिक्षक नोट: हमारे चारों ओर कुछ न कुछ बदलता ही रहता है I आस-पास हुए बदलाव की ओर विद्यार्थियों का ध्यान जाए और वे अपने वातावरण के प्रति सजग हो पाएँI इससे उनमें आस-पास में हुए बदलाव के प्रति सजगता और आस पास हो रहे बदलावों के प्रति स्वीकार्यता भी आएगी I सजगता का अभ्यास (ध्यान से देखना और सुनना)उन्हें अपने कार्यों को अच्छे तरीके से करने में सहायक होगी।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. 10 विद्यार्थियों को गोलाकार बनाकर खड़े होने के लिए कहेंगेI
2. विद्यार्थी पहले गोलाकार में अन्दर की ओर मुँह करके खड़े होंगे और एक दूसरे को अच्छे से देखेंगेI
3. अब विद्यार्थियों को बाहर की ओर मुड़ने के लिए कहेंI
4. अब गोलाकार में खड़े सभी विद्यार्थिओं को अपने अन्दर कुछ बदलना होगाI
जैसे – कालर खड़ा करना
- अपने बाल बिगाड़ना
- कमीज की बाजु मोड़ना
- अपनी पैंट मोड़ना
- चोटी आगे करना
5. विद्यार्थिओं को वापस मुड़ने के लिए कहेंI
6. अब सभी विद्यार्थिओं को एक दूसरे में हुए बदलाव को पहचानना होगाI
(विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता का प्रयोग कर सकते हैंI)

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. आपने अपने साथियों के द्वारा किए बदलाव को कैसे पहचाना?
2. क्या कुछ बदलाव अच्छे भी होते हैं ? यदि हां तो कैसे ?
3. आपको अपने साथियों में कुछ बदला हुआ देख कर कैसा लगा?
4. आप अपनी कौन-सी बात या आदत बदलना चाहते हैं? क्यों?
5. क्या आप अपने किसी दोस्त की कोई आदत बदलना चाहते हैं? क्यों?
6. किसे बदलना आसान है – खुद को या दूसरे को? क्यों?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
सभी को अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करें।

करके देखें:
घर जाकर अपने माता-पिता से चर्चा करें की आप अपनी कौन-कौन सी आदतें बदलना चाहते हैं और वे आपकी इसमें कैसे सहायता कर सकते हैं। अपने अनुभव अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

26. उल्टा – पुल्टा

गतिविधि का उद्देश्य: ध्यान से सुनने पर गलतियों की संभावना कम हो जाती है - इस बात पर विद्यार्थियों का ध्यान ले जाना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट : ध्यान से सुनने और देखने पर ग़लतियों की संभावना कम होती है। अक्सर हमारा ध्यान इधर उधर भटक जाता है। अगर हमें एहसास हो जाए कि ध्यान देने से बात ठीक से समझ में आती है और ग़लतियाँ नहीं होती - तो हम ध्यान देने या ध्यान से सुनने और देखने के लिए प्रेरित और उत्साहित होते हैं।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • शिक्षक विद्यार्थियों को समझा दें कि वे जो भी बोलेंगे, विद्यार्थी उनका अनुकरण करें। जैसे उठो, बैठो, ज़ोर से ताली बजाओ, धीरे-धीरे ताली बजाओ, बड़ा सा मुँह खोलो, छोटा सा मुँह खोलो, रोने की ऐक्टिंग, हँसने की ऐक्टिंग, हाथ ऊपर, हाथ नीचे, आँखें खोलो, आँखें बंद, आदि।
  • अब शिक्षक विद्यार्थियों को समझा दें कि वे जो भी बोलें, विद्यार्थियों को उसका उलटा करना होगा। जैसे शिक्षक बोलें उठो! (सभी विद्यार्थियों को बैठना होगा)। शिक्षक बोले बैठो! (सभी विद्यार्थियों को उठना होगा)।
  • इस प्रकार विद्यार्थियों से पुरानी क्रिया ‘उलटे’ रूप में करवाएँ।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • जब आपने शिक्षक की बात को ध्यान से सुना, तब क्या आप से कोई गलती हुई?
  • आप जब-जब सही कर पा रहे थे तो आपको कैसा लग रहा था? और गलती हो जाने पर कैसा लगता था?
  • जब आपसे गलती हुई तब आप का ध्यान कहाँ था (टीचर पर/दोस्त पर इत्यादि)?
  • ध्यान से सुनने पर हमसे गलती क्यों नहीं होती?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
विद्यार्थियों को निर्देशों को ध्यान से सुनने के लिए प्रोत्साहित करें।

करके देखें:
घर जाकर ख़ुद पर ध्यान दें कि ऐसा कब कब होता है कि आप अपने माता पिता या अन्य परिवार के सदस्यों की बातों पर ध्यान नहीं देते और आपसे ग़लती हो जाती है? अगली हैप्पीनेस क्लास में बताएँ।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

25. आओ सुलझाएँ उलझन

गतिविधि का उद्देश्य: मिलजुल कर काम करके समस्या का समाधान निकालने की क्षमता को विकसित करना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट: साथ में मिल कर काम करने से एक दूसरे को और अच्छे से जानने का मौका मिलता है। अगर हम मिल कर सोचें तो हर समस्या का समाधान आसानी से मिल जाता है। इससे आपस में ताल-मेल बढ़ता है, मित्रता बढ़ती है। कुल मिलाकर अच्छा लगता है, ख़ुशी का वातावरण निर्मित होता है। ऐसे अनुकूल वातावरण से विद्यार्थियों का विद्यालय में, पढ़ाई में, कक्षा में, दोस्तों व शिक्षकों के साथ मन लगता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • कक्षा के सभी विद्यार्थियों को 10- 10 के समूह में बाँटे।
  • एक बार में एक ही समूह यह गतिविधि करे तथा अन्य सभी विद्यार्थी गतिविधि को ध्यान से देखें।
  • समूह में से तीन विद्यार्थियों को दीवार की तरफ मुंह करके खड़े होने के लिए कहें।
  • समूह के बाकी सभी विद्यार्थी एक दूसरे का हाथ पकड़ कर गोलाकार में खड़े हो जाएं।
  • गोलाकार में खड़े विद्यार्थियों को बिना हाथ छोड़े आपस में घुल मिलकर, गोलाकार को उलझाना होगा।
  • विद्यार्थी एक दूसरे के हाथों के नीचे से निकलकर एक गाँठ बना लें या यूँ कहें कि गोलाकार को उलझा लें।
  • जब तक संभव हो हाथों के नीचे से निकलते हुए गाँठ को उलझाते जाएं।
  • अब दीवार की ओर मुँह किए विद्यार्थियों को कहें कि अब वे आकर बाक़ी विद्यार्थियों के, बिना हाथ छुड़ाये उनके द्वारा बनाई गई गाँठ को खोलने का प्रयास निर्देश देते हुए करे।
  • यदि कोई विद्यार्थी हाथ छोड़ता है तो गतिविधि को दुबारा शुरू करें।
  • इसी प्रकार से यह गतिविधि कक्षा के अन्य समूहों के साथ भी दोहराई जाए।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • समस्या को सुलझा कर आपको कैसा लगा?
  • समस्या को सुलझाने मे आपको कहाँ-कहाँ दिक़्क़तें आयीं? उन्हें कैसे सुलझाया?
  • अकेले हल करना ज़्यादा आसान रहता या इस तरह मिलजुल कर करना ज़्यादा ठीक रहा?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
गतिविधि के दौरान विद्यार्थी बिना हाथ छोड़े एक गाँठ लगाएँगे यहाँ शिक्षक ध्यान रखे कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की चोट न लगे।

करके देखें:
घर जाकर माता पिता या परिवार के अन्य सदस्यों से पूछें कि वो रोज़ किन-किन समस्याओं का सामना करते हैं और उनका हल कैसे निकालते हैं। अपने अनुभव अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

24. गौर करें और बताएँ

गतिविधि का उद्देश्य: अवलोकन के लिए ध्यान देने की क्षमता बढ़ाना।
आवश्यक सामग्री: चॉक, पेंसिल, टॉफी, इरेज़र, पत्थर, पत्ता, घड़ी इत्यादि जैसी कुछ चीजों के साथ एक बॉक्स / बैग.

शिक्षक के लिए नोट: ध्यान से जब हम किसी चीज़ को देखते और सुनते हैं (अवलोकन करते हैं), तो हमें उसे रटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वह हमारी स्मृति में अपने आप बस जाता है। ऐसी गतिविधि आवश्यक इसलिए है क्योंकि हमारे किसी भी काम की सफलता का आधार यही है कि वह करते समय हम कितना ध्यान दे पाए।
ध्यान देने से पहचान बनती है - चाहे वस्तुओं के साथ, या लोगों के साथ। सभी चीज़ों के आपस की पूरकता का पता चलता है। इससे सभी वस्तुओं के होने की ख़ुशी मिलती है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • मेज़ पर एक ट्रे में पूर्वनिर्धारित वस्तुएं रख के ढक दी जाएँ।
  • ध्यान रखें कि ट्रे तैयार करते समय विद्यार्थी कुछ न देखें।
  • उसके बाद एक बारी में 1-2-3 गिन कर विद्यार्थियों को कहा जाए कि उन्होंने इस ट्रे में रखी वस्तुओं को ध्यान से देखना है और पहचान करनी है।
  • 2 मिनट के बाद, एक बार फिर 1-2-3 गिन कर ट्रे को वापस ढक दें।
  • अब पूरी कक्षा से चर्चा करें -
  • आप कितनी वस्तुएँ पहचान पाए? (बताए गए नामों को बोर्ड पर लिखते जाएं)
  • क्या सभी वस्तुएँ एक जैसी थीं या अलग-अलग?
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आप यह सब कैसे याद रख पाए?
  • इन में से कौन-सी ऐसी वस्तुएँ हैं जो हम रोज़ कक्षा में उपयोग करते हैं?
  • अन्य रखी वस्तुओं का यदि आपने कभी उपयोग किया है तो किस-किस तरह?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • विद्यार्थियों के अनुमान करने में दिक्कत होने पर मदद करें।
  • विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति के लिए पर्याप्त समय दें।
  • सभी विद्यार्थियों को व्यक्त होने का अवसर दें।
करके देखें:
आज घर जाकर ध्यान दें और ऐसी वस्तुओं को पहचाने जिन पर आपने पहले कभी ध्यान न दिया हो। अब इनका क्या क्या उपयोग हो सकता है, इस बारे में अपने माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों से चर्चा करें। अगली हैप्पीनेस क्लास में अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

23. संतुलन (Balance)

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी आपस में विश्वास, सहयोग (cooperation) और तालमेल (coordination) के साथ काम कर पाएँ।
आवश्यक सामग्री:
  • एक मध्यम आकार की गेंद
  • पुराना समाचार पत्र / चार्ट पेपर
शिक्षक के लिए नोट: साथ में मिल कर काम करने से और किसी काम को पूरा करने से एक दूसरे को और अच्छे से जानने का मौका मिलता है। इससे आपस में ताल मेल और सहयोग बढ़ता है, मित्रता बढ़ती है। कुल मिलाकर अच्छा लगता है, ख़ुशी का वातावरण निर्मित होता है। ऐसे अनुकूल वातावरण से विद्यार्थियों का विद्यालय में, पढ़ाई में, कक्षा में - दोस्तों व शिक्षकों के साथ मन लगता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों के जोड़े (pair) बनाएँ।
  • शिक्षक एक-एक कर के हर जोड़े (pair) को गतिविधि कराने के लिए आगे बुलाएँ|
  • एक विद्यार्थी समाचार पत्र के एक छोर के दोनों कोने पकड़े। दूसरा विद्यार्थी दूसरे छोर के कोनों को पकड़े।
  • गेंद को समाचार पत्र के बीच में रखें।
  • दोनों विद्यार्थियों को गेंद का संतुलन बनाते हुए निर्धारित लक्ष्य (जैसे - कोई कुर्सी/बॉक्स/टोकरी) तक ले जाने के लिए कहें।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • इस गतिविधि को पूरा करने के लिए आप को क्या-क्या ध्यान में रखना पड़ा?
  • यदि एक साथी तेजी से चलता है, और दूसरे की चाल धीमी हो जाती है, तो क्या होगा?
  • आपको लगता है कि बॉल आपके साथी की सहायता के बिना निर्धारित स्थान तक पहुँच पाती? क्यों?
  • आप किन-किन कामों को साथियों के साथ मिल कर ही पूरा कर पाते हैं?
  • पिछली बार आपने कौन-सा काम किसी के साथ मिलकर किया था?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • गतिविधि को बाधाओं से रहित/ सुरक्षित जगह पर कराएँ।
  • सभी नियम स्पष्ट करें।
  • सभी की भागीदारी सुनिश्चित करें।
करके देखें:
आज घर जाकर ध्यान दें की कौन कौन से ऐसे काम हैं जो आप सब मिल कर ही पूरे कर सकते हैं, जो आपके परिवार का कोई भी सदस्य अकेले नहीं कर सकता। अगले दिन कक्षा में चर्चा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

22. रूको और चलो (Freeze and Melt)

गतिविधि का उद्देश्य: एक दूसरे के रास्ते में न आ कर उनके स्थान और निजी परिधि (personal boundary) का सम्मान करना।
आवश्यक सामग्री: विद्यार्थियों को खुले क्षेत्र में ले जाया जा सकता है।

शिक्षक के लिए नोट: इस गतिविधि द्वारा विद्यार्थी समझ पाएँगे कि किस प्रकार अपना स्थान बनाए रखते हुए दूसरों के लिए भी स्थान बनाया जा सकता है। किसी भी कार्य को करते हुए यदि आपस में अच्छी निश्चित दूरी बनाए रखते हैं तो हम अपने कार्य को तो अच्छे से कर ही पाते हैं साथ ही दूसरों को भी कार्य करने के लिए उचित स्थान दे पाते हैं। इस गतिविधि द्वारा एक दूसरे के बीच सम्मान जनक दूरी, परस्पर सम्मान के भाव को जागरूक करने में मदद होगी। ये भी परस्पर सुख का आधार है।इस गतिविधि द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए निर्देशों को ध्यान दे कर सुनने का अभ्यास भी होगा।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को गतिविधि करने के लिए उत्साहित करते हुए बुलाएँ और किसी भी दिशा में, निश्चित परिधि के अंदर ही धीरे-धीरे चलने के लिए कहें जब तक कि शिक्षक रुकने का निर्देश न दें।
  • जब “चलो (Walk)” कहा जाए तो छात्रों को किसी को छुए बिना (random रूप से) धीरे-धीरे अलग- अलग दिशाओं में चलना है।
  • "रुको (STOP)" कहने पर विद्यार्थी अपनी जगह पर रुक जाएँ, और जिस स्थिति (position) में थे वैसे ही रुक (freeze) जाएँ ।
  • इस गतिविधि को थोड़ी गति बढ़ा कर चलने और रुकने के लिए कहा जाए।
  • विद्यार्थियों को और तेज़ चलने और रुकने के लिए कहें।
  • विद्यार्थियों को तेज़ गति में चलते-चलते ही अंगड़ाई लेते हुए चलने के लिए कहें, पर ध्यान रहे किसी से टकराना नहीं है। इसी प्रकार विद्यार्थियों को नाचते,गाते, बैठकर, उछलते हुए चलने के लिए कह सकते हैं। शिक्षक अपने अनुसार नए निर्देश भी जोड़ सकते हैं।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या आपको अपने साथियों पर विश्वास था कि आप चलते समय एक दूसरे से टकराएँगे नहीं? क्यों?
  • जब आपको चलने के लिए उचित स्थान नहीं मिला तो आपको कैसा लगा?
  • क्या आपने कोशिश की कि आप अपना स्थान बना कर चल पाएँ और किसी से टकराएँ न? कैसे?
  • जब एक ही कक्षा में दो कक्षाओं को बैठाया जाता है तो आपको कैसा लगता है?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • गतिविधि को सुरक्षित स्थान पर करें।
  • विद्यार्थियों को गतिविधि धीरे-धीरे और संयम के साथ करने के लिए कहें।
  • सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
करके देखें:
घर पर ऐसा कब कब होता हैं की आपको अपना स्थान बनाने की जगह नहीं मिलती? ऐसे में आप क्या करते हैं? आज घर पर ख़ुद को ग़ौर करें और अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

21. कार एवं ड्राईवर

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों का विश्वास के भाव की ओर ध्यान ले जाना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट:
संबंधों को बनाए रखने के लिए विश्वास एक आधार मूल्य है। जब हमें एक दूसरे पर विश्वास होता है तभी हम एक दूसरे के प्रति सम्मान और स्नेह का अनुभव कर पाते हैं। अतः विश्वास होता है तो संबंध में अच्छा लगता है, ख़ुशी होती है, अन्यथा पीड़ा होती है।
हम सब के साथ जैसे-जैसे संबंध पहचान पाते हैं तो उनके साथ विश्वास पूर्वक जी पाते हैं। किसी के साथ संबंध पहचानने का आशय है कि उनकी भागीदारी/योगदान अपनी जिंदगी में देख पाना। जैसे; छोटे विद्यार्थी स्कूल के शुरुआत के दिनों में आने से डरते हैं। पर कुछ दिनों बाद जब वह शिक्षक के साथ अपना संबंध पहचान पाते हैं (उनकी भागीदारी/योगदान अपनी जिंदगी में देख पाते हैं) तो उन्हें शिक्षक पर विश्वास होता है कि वे उनका ध्यान रखेंगे।
विद्यार्थियों में विश्वास का भाव स्थापित हो पाए; इसके लिए उन्हें हम एक विश्वास पूर्ण वातावरण उपलब्ध करा पाएँ और बार बार उनका ध्यान इस भाव की ओर ले जा पाएँ - इस अर्थ में यह गतिविधि है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों के जोड़े (pair) बनाएँ।
  • प्रत्येक जोड़े में से एक विद्यार्थी कार बने और दूसरा विद्यार्थी ड्राईवर।
  • कार बना विद्यार्थी अपनी आँखें बंद कर ले।
  • ड्राइवर अपने हाथ को कार बने विद्यार्थी के कमर या कंधे पर रख कर कार को चलाने के लिए निर्देशित करे।
  • कार को रोकने के लिए अपनी हथेली को कार के पीठ पर लगाएँ।
  • दाएँ मुड़ने के लिए दाएँ कंधे को छुएँ/हिलाएँ। बाएँ मुड़ने के लिए बाएँ कंधे को छुएँ/हिलाएँ।
  • इन्हें एक निश्चित दायरे में इस प्रकार कार चलाने के लिए कहा जाए कि कोई किसी से न टकराए।
  • कुछ समय बाद कार बना विद्यार्थी ड्राईवर बने, और ड्राईवर बना विद्यार्थी कार बने (role reversal)।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • जब आप ड्राईवर बने तो आप को कैसा लगा?
  • जब आप कार बने तो आप को कैसा लगा?
  • क्या कार को अपने ड्राईवर पर पूरा विश्वास था कि वह उसे टकराने नहीं देगा? क्यों?
  • क्या कार को बाक़ी कारों पर पूरा विश्वास था कि वह आपस में नहीं टकराएँगे? क्यों?
  • आप को कार बनना ज्यादा पसंद आया या ड्राईवर? क्यों?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • गतिविधि को किसी सुरक्षित एवं खुले स्थान पर करें।
  • गतिविधि शुरू करने से पहले दायरा (boundary) निश्चित कर लें।
करके देखें:
आज आप अपने मम्मी-पापा या बड़े भाई-बहन के साथ घूमने जाएँ और ग़ौर करें की आप कब कब उन पर विश्वास करके उनका कहा मानते हैं। (जैसे- जब आप उनके साथ सड़क पार करते हैं।) अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें। 

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

20. पहचान कौन? (Guess Who?)

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों में ध्यान देने, और सूक्ष्म अवलोकन (minute observation) की प्रक्रिया को पुष्ट करना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नही

शिक्षक के लिए नोट: कभी कभी एक समान दिखने वाली वस्तु/क्रिया में कुछ विशिष्ट भी छिपा रहता है। विद्यार्थी अपने आस पास के वातावरण के प्रति सजग हो कर अवलोकन कर पाएंगे।सूक्ष्म अवलोकन (minute observation) से समूह में छिपे विशिष्ट को भी पहचान सकते हैं। सजगता से हम अपने आस पास हो रहे परिवर्तन की ओर भी ध्यान दे सकते है। साथ में मिल कर काम करने से और किसी काम को पूरा करने से एक दूसरे को और अच्छे से जानने का मौका मिलता है। इससे आपस में ताल-मेल बढ़ता है, मित्रता बढ़ती है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को एक सर्कल/गोलाई में खड़े होने के लिए कहें।
  • उनमें से 3 को 'जासूस' बनाएँ और कक्षा से बाहर जाने के लिए कहें।
  • सर्कल में मौजूद विद्यार्थियों में से एक विद्यार्थी को ‘कैप्टन’ बनाएँ।
  • कैप्टन कुछ क्रिया करेगा जैसे - अपना कान छूना, सिर खुजाना, हाथ ऊपर करना आदि।
  • अन्य विद्यार्थी उसकी नक़ल करें।
  • कैप्टन क्रिया/एक्शन थोड़ी-थोड़ी देर में बदलता रहेगा।
  • जासूस आएँगे और समूह के कैप्टन की पहचान करने की कोशिश करेंगे।
  • जब जासूस सफल होगें तो अगला राउंड शुरू कर सकते हैं जिसमें एक नया कैप्टन और 3 नए जासूस बनाएँ।
  • गतिविधि को 3-5 बार दोहराएँ।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
जिन विद्यार्थियों को जासूस के रूप में काम करने का अवसर मिला, उनसे पूछें –
(i) आप कैप्टन की पहचान कैसे कर पाए?
(ii) क्या इस गतिविधि में अपने साथियों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता थी? क्यों या क्यों नहीं?

अब उनसे प्रश्न किया जाए जो गोला बनाकर खड़े थे –
(i) पहचाने न जाने के लिए आप लोगों ने किन बातों का ध्यान रखा?

सभी से प्रश्न –
(i) हम सब में क्या-क्या समानताएँ दिखती हैं?
(ii) कौन कौन से काम ऐसे होते हैं जो हम सभी करते हैं?
(iii) क्या हम इन कामों को एक से तरीक़े से करते हैं या अलग-अलग?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • गतिविधि के नियम स्पष्ट रूप से समझा दें।
  • एक बार गतिविधि को करके बताएँ।
करके देखें:
घर जाकर ग़ौर कीजिए कि ऐसे कौन-कौन से काम हैं जो परिवार के सभी सदस्य करते हैं लेकिन सभी अलग अलग तरीक़ों से करते हैं। अगली हैप्पीनेस क्लास में साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

19. इल्ली (caterpillar)

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों का ध्यान विश्वास और सहयोग की भावना की ओर ले जाना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट:
विश्वास - संबंधों को बनाए रखने के लिए एक आधार मूल्य है। जब हमें एक दूसरे पर विश्वास होता है तभी हम एक दूसरे के प्रति सम्मान और स्नेह का अनुभव कर पाते हैं। विश्वास होता है तो संबंध में अच्छा लगता है, ख़ुशी होती है अन्यथा पीड़ा होती है।
सभी संबंधों में विश्वास मूल्य होना परम आवश्यक है। हम जिसके साथ संबंध पहचान पाते हैं उन पर ही विश्वास कर पाते हैं। जैसे छोटे विद्यार्थी स्कूल के शुरुआत के दिनों में आने से डरते हैं। पर कुछ दिनों बाद जब वह शिक्षक के साथ अपना संबंध पहचान पाते हैं तो उन्हें शिक्षक पर विश्वास होता है कि वे उनका ध्यान रखेंगे।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • कक्षा का एक विद्यार्थी इल्ली (caterpillar) का सिर बनेगा।
  • 8 से 10 विद्यार्थी पहले विद्यार्थी के पीछे पंक्ति बनाएँगे और सामने वाले की कमर पकड़ कर इल्ली के शरीर का निर्माण करेंगे।
  • इल्ली का सिर बना विद्यार्थी अपनी आँखें खोल कर चलेगा।
  • इल्ली का शरीर बने विद्यार्थी अपनी आँखों को बंद रखेंगे।
  • अब इल्ली कक्षा में धीरे-धीरे चलेगा। सभी विद्यार्थी कमर पकड़ कर साथ में धीरे-धीरे चलेंगे।
  • इस गतिविधि को एक-एक समूह बारी-बारी से करेगा।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • जब आप आँख बंद किये हुए तो आपको डर लग रहा था या भरोसा था कि आप ठीक से यह गतिविधि कर पाएंगे?
  • क्या आपने अपनी आँखें बीच में खोली? यदि खोली तो क्यों?
  • जो विद्यार्थी इल्ली का सिर बना था उसे कैसा लग रहा था? मज़ा आ रहा था या डर लग रहा था?
  • अगर डर लग रहा था तो क्यों लग रहा था? (किसी को चोट न पहुँच जाए, इसलिए?)
  • अपने साथियों पर भरोसा करने से ज़्यादा आसानी होती है? कैसे?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • जो विद्यार्थी इल्ली का सिर बने वह थोड़ा कठिन रास्ता ले ताकि गतिविधि में मज़ा आए।
  • आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक इल्ली के सिर बने हुए विद्यार्थी को रास्ता चुनने में मदद करे।
  • शिक्षक विद्यार्थियों के साथ चले ताकि किसी भी विद्यार्थी को चोट न लगे।
करके देखें:
आज घर जा कर ग़ौर करें की क्या आपको कोई कार्य करने में या किसी समय पर डर लगता है? जब ऐसा होता हैं तो आप क्या करते हैं। अपना अनुभव अगले दिन कक्षा में साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

18. मेरी आवाज़

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को एक दूसरे के साथ पहचान बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना।
आवश्यक सामग्री: एक दुपट्टा

शिक्षक के लिए नोट : विद्यार्थियों का ध्यान कक्षा में अपने सहपाठियों की ओर जाए। वे एक दूसरे को जानें और उनमें मित्रता बढ़े। इससे कक्षा का वातावरण समझने-सीखने के लिए अनुकूल होगा। मानव में ही सीखने और समझने की क्षमता है। आपस में आत्मीयता बढ़ने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आत्मविश्वास बढ़ने से भी हम अपने संबंधों को अच्छी तरह निभा पाते हैं। सीखना और समझना ही सुख का आधार है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण: 
  • विद्यार्थियों से पहले उनके पसंदीदा जानवरों के नाम पूछें। अगर विद्यार्थी न बता पाएँ तो आप ही कुछ रोज़मर्रा में दिखने वाले जानवरों के नाम विद्यार्थियों को बताएँ। 
  • अब उन जानवरों की आवाजें निकालने को कहें। शुरू में आप भी दो तीन जानवरों की आवाज़ निकाल के बता सकते हैं। 
  • 5-10 मिनट तक इस क्रिया को दोहराएँ। 
  • इसके बाद किसी एक विद्यार्थी को आगे आने के लिए कहें और उसकी आँखों पर पट्टी/दुपट्टा बाँध दें।
  • उसकी आँखें बंद होने के बाद, एक विद्यार्थी को चुनें और उसके कान में कहें कि वह किसी जानवर (कुत्ता/ बिल्ली) की आवाज़ निकाले। पट्टी लगे हुए विद्यार्थी को अपने सहपाठी की आवाज़ पहचाननी है। 
  • यह प्रक्रिया विद्यार्थी बदल-बदल कर कराएँ।
  • इस गतिविधि को 5-6 विद्यार्थियों के समूह में भी कराया जा सकता है। 
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न
  • क्या आप अपने साथियों की आवाज़ पहचान पाए? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? 
  • क्या सबकी आवाज़ अलग-अलग है? 
  • यदि आपका साथी जानवर की आवाज़ निकालने की बजाय, सामान्य तरीक़े से बोलता तो उसे पहचानना क्या ज़्यादा आसान होता? क्यों?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें। 

क्या करें, क्या न करें:
  • कक्षा में खुशी का वातावरण बनाएँ रखें ताकि विद्यार्थी खुल कर गतिविधि में भाग ले सकें। 
  • अपने सहपाठियों के प्रति सहयोग का भाव जगाने की कोशिश करें। 
करके देखें : अपने परिवार और मोहल्ले में अन्य बच्चों के साथ यह गतिविधि करें और अगली हैप्पीनेस क्लास में अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

17. मुझे ऐसा लगता है

गतिविधि का उद्देश्य: अच्छा होना और अच्छा लगने की समझ का विकास करना
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक नोट: बहुत सी बातें हमें अच्छी लगती हैं पर क्या वो अच्छी होती भी हैं? इस गतिविधि के माध्यम से इस बात की समझ का विकास विद्यार्थियों मे हो सकेI बच्चे पौष्टिक आहार और स्वादिष्ट आहार, अपने दिनचर्या में की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विवेचनात्मक तरीके से सोच कर विश्लेषण कर पाएँगेI

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. शिक्षक कक्षा मे ज़मीन पर चाक से एक लाइन बनाएँगे I
2. लाइन के एक तरफ ‘हाँ’ और एक तरफ ‘ना’ लिख दें I 3. लाइन के एक तरफ पांच और दूसरी तरफ भी पांच बच्चे खड़े करेंगे I
4. अब शिक्षक द्वारा कुछ कथन बोले जाने पर बच्चे ‘हाँ’ या ‘ना’ के अपने उत्तर के आधार पर लाइन के इधर या उधर कूदकर जाएंगे - जैसे – क्या आपको स्कूल आना अच्छा लगता है? - क्या स्कूल आना अच्छा होता है? -क्या सुबह जल्दी उठना अच्छा लगता है? -क्या सुबह जल्दी उठना अच्छा होता है? - क्या बाहर का खाना अच्छा लगता है? - क्या बाहर का खाना अच्छा होता है? - क्या नहाना अच्छा लगता है ? -क्या नहाना अच्छा होता है ? - क्या रात को ब्रुश करना अच्छा लगता है ? -क्या रात को ब्रुश करना अच्छा होता है ?
 5. शिक्षक अपने कुछ कथन भी बना सकते है I
6. विद्यार्थियों को बदल-बदल कर गतिविधि को कराएँ I
7. यदि कक्षा में यह गतिविधि कराने की जगह उपलब्ध नहीं है तो विद्यार्थियों को हाँ या ना के उत्तर में अपने ही स्थान पर खड़े होने और बैठने को क सकते हैं।

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. घर में आपको कौन-कौन से काम करना अच्छा नहीं लगता? क्यों ?
2. आपको क्या करना अच्छा लगता है? क्यों?
3. आपको बाहर की खाने वाली कौन-कौन सी चीज़ें अच्छी लगती है? क्यों?
4. माँ जो सब्जी बनाती है उनमें से आपको कौन-सी सब्जी अच्छी नहीं लगती? क्यों?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें। 

क्या करें, क्या न करें:
  • शिक्षक विद्यार्थों से चर्चा करे कि हमें क्या-क्या अच्छा नहीं लगता पर हमारे लिए अच्छा होता है I 
  • यदि कक्षा में यह गतिविधि कराने की जगह उपलब्ध नहीं है तो विद्यार्थियों को हाँ या ना के उत्तर में अपने ही स्थान पर खड़े होने और बैठने को कह सकते हैं। 
करके देखें : घर पर आज सारे वही काम करें जो आपके माता-पिता आपको करने को कहते हैं लेकिन आपको अच्छे नहीं लगते। अगले दिन कक्षा में साझा करें कि आपने क्या-क्या किया और आपको वह सब करना कैसा लगा।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

16. मेरी स्माइली

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों में कृतज्ञता की भावना की पहचान हो पाए।
आवश्यक सामग्री: पीले रंग के चार्ट पेपर या कोई भी पेपर

शिक्षक के लिए नोट: कृतज्ञता एक ऐसा भाव है जिसकी पहचान से ही हम दूसरों के साथ अपने संबंध को पहचान पाते हैं। उन्हें अपनी ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण अंग मान पाते हैं। अन्यथा उनके प्रति उदासीन होते हैं। जैसे ही हमें लोग महत्त्वपूर्ण लगने लगते हैं, हम उनके प्रति संवेदनशील भी हो जाते हैं। अभी हमारा ध्यान अक्सर अपने ऊपर ही रहता है। कृतज्ञ होने से हमारा ध्यान दूसरों की ओर भी जाने लगता है। अध्यापक विद्यार्थियों को यह संदेश दे सकते हैं कि वे घर पर अपने माता-पिता व परिवारजनों के साथ कार्यों में हाथ बंटा कर देखें, कितना काम होता है, कैसे करते हैं, साथ काम करके कैसा लगा, आदि। घर के कार्यों में जैसे बाग-बगीचों के पौधों को पानी देना, घर की सफाई इत्यादि करने में मदद करना आदि काम हो सकते हैं। इस तरह श्रम के महत्व को वे समझ पायेंगे। परिवार के सदस्य व मित्र जब भी विद्यार्थियों की मदद करते हैं तो उन्हें उनके प्रति आभार व्यक्त करना भी आना चाहिए। कक्षा में की गई छोटी-छोटी गतिविधियों के द्वारा आभार व्यक्त करने के आधार की स्पष्टता बनेगी।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए। 

गतिविधि के चरण:
  • पीले रंग के चार्ट पेपर या कोई भी पेपर के छोटे-छोटे गोले काट लिए जाएँ।
  • इन गोलों को विद्यार्थियों में बाँट दिया जाए।
  • विद्यार्थी इन पर दो आँखें और एक लंबी-सी मुस्कान बनाएँगे, फिर वे सभी इस स्माईली को एक नाम देंगे।
  • यह नाम उस व्यक्ति का होगा जिसने कभी भी किसी भी रुप में उनकी कोई भी सहायता की हो।
  • इस प्रकार एक-एक विद्यार्थी सामने आकर उस व्यक्ति का नाम बताएगा और उसने किस प्रकार उसकी सहायता की इसकी भी जानकारी सबके सामने साझा करेगा।
  • विद्यार्थी उस व्यक्ति का नाम लेकर धन्यवाद कहेंगे। बाकी की कक्षा तालियों से अभिनंदन करेगी। 
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या आपको और भी उदाहरण याद हैं जब आपकी सहायता किसी ने की थी? कैसे?
  • क्या आपने कभी किसी की मदद की है? कैसे? 
  • क्या आप मदद लेने के बाद मदद करने वाले के प्रति आभार महसूस करते हैं? क्या आप उसे धन्यवाद बोलते हैं? 
  • क्या आपको मदद करते समय अच्छा लगता है? क्या सबको अच्छा लगता होगा या सिर्फ आपको ऐसा लगता है? 
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें। 

क्या करें, क्या न करें:
यदि कोई विद्यार्थी सहायता के बारे में ठीक से न बता पाए तो कोई एक अच्छा काम भी बता सकता है जो उस व्यक्ति ने किया हो।

करके देखें : घर जा कर घर के सभी सदस्यों के लिए एक-एक स्माईली बनाएँ और अलग-अलग कार्यों में आपकी सहायता करने के लिए यह स्माईली देकर उनको धन्यवाद करें। अगले दिन कक्षा में अपने अनुभव साझा करें कि आपको यह करके कैसा लगा और आपके परिवार के सदस्यों की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

8. मेरी नोट-बुक

गतिविधि का उद्देश्य: इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों का ध्यान अपनी वस्तुओं को व्यवस्थित रखने की ओर जाए।
आवश्यक सामग्री: कुछ नहीं

शिक्षक नोट:
इस गतिविधि के माध्यम से अपनी वस्तुओं को व्यवस्थित रखने की ओर बच्चों का ध्यान ले जाने का प्रयास है। जब वे इस अंतर को महसूस करेंगे कि अव्यवस्थित रूप से रखी वस्तुएँ किस प्रकार हमें प्रभावित करती हैं, वे निष्कर्ष निकाल पाएंगे कि व्यवस्था में जीने में ही सुख है। व्यवस्था के लिए ज़रूरी है, नियम का होना, उसकी पहचान का होना एवं उसमें जीना। इसी में स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों का भी सुख निहित है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. सभी बच्चे अपनी-अपनी एक नोट-बुक निकालकर एक जगह ढेर लगाएँगे और अपने स्थान पर वापस चले जाएंगे।
2. अब बच्चों से कहा जाएगा कि वे अपनी-अपनी नोट-बुक ढूंढ कर लाएँ ।
3. इसके बाद फिर से वे अपनी-अपनी नोट-बुक निकालकर रखेंगे, पर पंक्ति में। फिर से बच्चों से कहा जाएगा कि वे अपनी-अपनी नोट-बुक ढूंढ कर लाएँ।

विकल्प : इसी गतिविधि को बैग/पेन्सिल/जूते के ढेर लगाने और बाद में क्रम से रखकर उठाने के तरीके से करवाया जा सकता है। और उसी संदर्भ में निम्न प्रश्नों को बदलकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखा जाए कि जूते के साथ इस गतिविधि के बाद बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाए जाएँ।

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. सब लोग अपनी-अपनी नोट-बुक जल्दी कब ढूंढ पाए? क्यों?
2. क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपको अपनी रखी वस्तु समय पर नहीं मिली? अपने साथ घटी वह घटना बताइए। ऐसा क्यों हुआ था?
3. क्या कभी ऐसा भी हुआ है जब आपको अपनी रखी वस्तु ख़राब होकर मिली? ऐसा क्यों हुआ था?
4. कब-कब ऐसा हुआ है कि आपको आपका रखा सामान आसानी से मिला? ऐसा क्यों हो पाया था?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें: क्या आज हम प्रयास करके देख सकते हैं कि घर में अपना बैग, जूते, ब्रश, कंघी आदि निश्चित जगहों पर ही रखें? ऐसा करके कैसा लगा, हम कल साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?

15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी एक दूसरे के प्रति विश्वास और सहयोग के भाव को पहचान पाएँ।
आवश्यक सामग्री: किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं

शिक्षक के लिए नोट: संबंधों को बनाए रखने के लिए विश्वास एक आधार मूल्य है । जब हमें एक दूसरे पर विश्वास होता है तभी हम एक दूसरे के प्रति सम्मान और स्नेह महसूस कर पाते हैं। अतः विश्वास होता है तो संबंध में अच्छा लगता है, ख़ुशी होती है अन्यथा पीड़ा होती है।
हम सब के साथ जैसे-जैसे संबंध पहचान पाते हैं तो उनके साथ विश्वास पूर्वक जी पाते हैं। किसी के साथ संबंध पहचानने का आशय है कि उनकी भागीदारी/योगदान अपनी जिंदगी में देख पाना। जैसे; छोटे बच्चे स्कूल के शुरुआत के दिनों में आने से डरते हैं। पर कुछ दिनों बाद जब वह शिक्षक के साथ अपना संबंध पहचान पाते हैं (उनकी भागीदारी/योगदान अपनी जिंदगी में देख पाते हैं) तो उन्हें शिक्षक पर विश्वास होता है कि वे उनका ध्यान रखेंगे।
विश्वास के साथ जी पाते हैं तो एक दूसरे का सहजता से सहयोग भी कर पाते हैं। सहयोग करते समय अच्छा लगता है, सहयोग लेते समय कोई हिचकिचाहट नहीं होती - यही एक दूसरे के प्रति विश्वास का प्रमाण है। जैसे विद्यार्थी शिक्षक पर विश्वास करता है और उनसे मदद लेने में हिचकिचाता नहीं और न ही शिक्षक उसे मदद करने में पीछे हटता है। दोनों ही ऐसे संबंध में खुश होते हैं।
विद्यार्थियों में विश्वास और सहयोग का भाव स्थापित हो पाए; उस के लिए उन्हें हम एक विश्वास पूर्ण वातावरण उपलब्ध करा पाएँ और बार-बार उनका ध्यान इन भाव की ओर ले जा पाएँ - इस अर्थ में यह गतिविधि है।
गतिविधि कक्षा में या बाहर भी करवाई जा सकती है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की क्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • इस गतिविधि को 5-6 विद्यार्थियों के समूह में करवाएँ।
  • एक बार में एक ही समूह गतिविधि करे।
  • समूह गोलाकार में खड़े हो कर अपने दाएँ हाथ को ज़मीन के समानांतर (parallel) सीधा करेंगे।
  • समूह के सभी विद्यार्थी अपने-अपने दाएँ हाथ की तर्जनी अंगुली (forefinger) को जोड़ेंगे।
  • एक पुस्तक को समूह की अंगुलियों पर रखें।
  • अब समूह को पुस्तक को धीरे-धीरे ज़मीन पर रखना है।
  • विद्यार्थियों को पर्याप्त समय दें कि वे एक रणनीति तैयार कर सकें।
  • अन्य समूहों के साथ इस गतिविधि को दोहराएँ।
  • विद्यार्थियों को ग़लती होने पर दोबारा प्रयास करने व सुधारने का अवसर दें।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या आप सब गतिविधि को ठीक से कर पाए? कैसे?
  • गतिविधि को ठीक से करने के लिए आपने किसका सहयोग लिया?
  • गतिविधि को कर पाने के लिए सभी का सहयोग क्यों चाहिए था?
  • सब के सहयोग के लिए आपस में ताल-मेल और भरोसा क्यों ज़रूरी है?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट शांति से बैठें और अपने निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • एक बार में एक ही समूह गतिविधि करे और बाक़ी विद्यार्थी समूह का उत्साह बढ़ाएँ।
  • विद्यार्थियों को गतिविधि करने के लिए पर्याप्त समय दें।
करके देखें :
घर में परिवार के सदस्यों के साथ यह गतिविधि करें और अगली हैप्पीनेस क्लास में अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हा-हा ही-ही हो-हो
  3. मेरा शरीर
  4. हाथ ऊपर नीचे
  5. तुम में मुझ में क्या समान?
  6. सुनो और कूदो
  7. साथी और बॉल
  8. मेरी नोट-बुक
  9. जुगलबंदी (Duet)
  10. सुपर स्माइल (Super Smile)
  11. दर्पण (mirror)
  12. एक नई चुनौती
  13. पहचानो और छूओ
  14. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  15. अंगुलियों को जोड़ें (Join the fingers)
  16. मेरी स्माइली
  17. मुझे ऐसा लगता है
  18. मेरी आवाज़
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. पहचान कौन? (Guess Who?)
  21. कार एवं ड्राईवर
  22. रूको और चलो (Freeze and Melt)
  23. संतुलन (Balance)
  24. गौर करें और बताएँ
  25. आओ सुलझाएँ उलझन
  26. उल्टा – पुल्टा
  27. मुझमें क्या बदला पहचानो
  28. साथी की अच्छी बात
  29. उनकी तरह अभिनय करें
  30. क्या ग़ायब, क्या नया?