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कक्षा 2: माइंडफुलनेस

ध्यान देने की प्रक्रिया (Mindfulness) – एक परिचय

किताब के इस पृष्ठ को पढ़ने के लिए थोड़ा-सा कुछ अलग करते हैं...
यदि आप भी मेरी तरह किसी किताब का परिचय वाला पन्ना छोड़ देते हैं, तो आप इस क्षण नीचे दिए गए प्रयोग को करके देखें -
आप यह पढ़ते समय ध्यान दें कि आपका ध्यान कहाँ है? आपने जो इस पल अपने हाथ में किताब पकड़ी हुई है, उसके प्रति सजग हो जाएँ। देखें, क्या आप इस किताब के भार को महसूस कर पा रहे हैं? इस किताब के पन्ने के रंग को देखें; हर अनुच्छेद (paragraph) के बीच के अंतर पर ध्यान दें; हर वाक्य के बीच के अंतर पर ध्यान दें; अक्षर की बनावट को देखें।
अब अपना ध्यान अपनी बैठने की स्थिति पर दें। यदि आप कुर्सी पर बैठे हैं तो आप अपने शरीर और कुर्सी के संपर्क को महसूस करें। ध्यान दें कि आप इस क्षण कैसा महसूस कर रहे हैं? यदि मन में किसी विचार और भावनाएँ हैं, तो एक क्षण के लिए उन पर ध्यान दें। बिना किसी तरह के विचार में उलझे हुए अपना ध्यान अपने अंदर आती हुई साँस पर ले आएँ और फिर बाहर जाती हुई साँस के साथ अपने आस-पास के वातावरण में मौजूद आवाज़ों के प्रति सजग हो जाएँ।
स्वयं के साथ बिताए गए इस क्षण के लिए आप, अपने आप की सराहना करें। आपने अभी जो अनुभव किया, यह ध्यान देने की प्रक्रिया का एक उदाहरण है।
जब हम अपना ध्यान अपने आस-पास के वातावरण व स्वयं पर लेकर जाते हैं तब हम अपने अंदर एक नई ऊर्जा एवं स्थिरता का अनुभव करते हैं और वह हमारी अंतर्दृष्टि विकसित करता है।
अन्य किसी भी कौशल की तरह ही ध्यान की प्रक्रिया को भी सीखा जा सकता है। जिस तरह से संगीत, नृत्य, गाड़ी चलाना, आदि को सीखने के लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता पड़ती है, ठीक उसी तरह ध्यान के लिए भी अभ्यास की आवश्यकता होती है। ध्यान के माध्यम से हम मन की स्थिरता व संतुलन का अनुभव कर सकते हैं।

बच्चे एवं ध्यान देने की प्रक्रिया (Mindfulness)
बच्चों का मूल स्वभाव रचनात्मक एवं कल्पनाशील होता है। उनकी सहज प्रवृत्ति (natural tendency) वर्तमान में रहने की ही होती है। जब वे कोई भी कार्य करते हैं तो वे उसी के बारे में सोचते हैं। जैसे - अगर वे खेल रहे हैं, तो वे उस समय खेलने के बारे में ही सोचते हैं। जब वे खा रहे हैं तो वे केवल खाने के बारे में ही सोचते हैं। परन्तु आजकल की भाग-दौड़ और प्रतियोगिता के दौर में, बच्चों पर कई प्रकार के दबाव बनने शुरू हो जाते हैं। जैसे-जैसे वे बड़े होने लगते हैं, स्कूल जाने लगते हैं, उनके ऊपर उम्मीदों का बोझ बढ़ने लगता है। ऐसे में, खेलते समय उनके मन में पढ़ाई का विचार आ जाना या फिर पढ़ाई करते समय घर की किसी और बात का विचार आ जाना अब सामान्य बात होने लगी है। उनका ध्यान और मन भटकने लगता है। वे या तो गुज़रे हुए समय के बारे में सोच रहे होते हैं, या फिर उनका ध्यान भविष्य की योजना में लगा होता है। ध्यान देने के अभ्यास में हम बच्चों को वर्तमान में रहना सिखाएंगे। इस अभ्यास की एक और विशेषता यह भी है कि वे इसमें बिना किसी पूर्वधारणा के, अच्छे - बुरे का निर्णय लिए बिना, वस्तुओं और परिस्थितियों को अपने वास्तविक रूप में देखना सीखेंगे।
ध्यान देने के अभ्यास में हम अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का ध्यान केंद्रित करवाएंगे, जैसे- ध्यान दे कर सुनना, जिसमें बच्चे अपने वातावरण में मौजूद आवाज़ों के प्रति जागरूक (aware) होंगे; ध्यान दे कर देखना, जिसमें बच्चे अपने वातावरण या किसी वस्तु को देखेंगे; श्वास पर ध्यान देना, जिसमें बच्चे अपना ध्यान अपनी साँसों की प्रक्रिया पर केंद्रित करेंगे; शरीर के खिंचाव पर ध्यान देना, जिसमें हाथ या पैर की अलग-अलग स्थिति में शरीर के खिंचाव की ओर ध्यान देंगे; विचारों पर ध्यान देना, जिसमें बच्चे अपने विचारों को पहचानेंगे और वर्तमान क्षण में अपने विचारों को आते-जाते देखेंगे।
ध्यान के अभ्यास से बच्चों को कई तरह के लाभ होते हैं, जैसे-
  • लम्बी अवधि के लिए एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का विकास (sustained attention)
  • शैक्षिक प्रदर्शन (academic performance) का बेहतर होना
  • भावनात्मक सुदृढ़ता (emotional stability) का बेहतर होना
  • शांति और ख़ुशी का एहसास बढ़ना (sustained happiness)
  • हाइपर-एक्टिविटी (hyperactivity) कम होना
  • क्रोध कम आना
  • एक-दूसरे को समझने की क्षमता का विकास (empathy)
  • वर्तमान में जीने की क्षमता का विकास
  • सोच-समझ कर निर्णय लेने की क्षमता का विकास
हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों रोज़ाना का एक पीरियड हैप्पीनेस विषय का होगा। इस पाठ्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियाँ होंगी, उनमें से एक महत्वपूर्ण गतिविधि है - “ध्यान देने का अभ्यास”। आज पूरी दुनिया में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जहाँ ध्यान का अभ्यास न किया जाता हो। प्राचीन भारतीय शिक्षा परम्परा में ‘ध्यान करने’ पर नहीं, बल्कि ‘ध्यान देने’ पर जोर रहा है। हैप्पीनेस कार्यक्रम के तहत स्कूल में आने वाला हर बच्चा, ध्यान देने का अभ्यास करेगा।

ध्यान की कार्यप्रणाली (Methodology):
  • ध्यान की कक्षा का अभ्यास सार्वभौमिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। इसका किसी भी तरह के धर्म, संप्रदाय, जाति या वर्ग से कोई संबंध नहीं है।
  • कक्षा 1 में हर सप्ताह 2 दिन (सोमवार व गुरूवार) ‘ध्यान देने’ का पीरियड होगा। हर पीरियड में एक सेशन करवाएँ। इस सेशन को सप्ताह के दूसरे पीरियड भी दोहराएँ। इस प्रकार एक सप्ताह में एक सेशन करवाएँ।
  • इस सेशन के दौरान 25 मिनट के पीरियड में तीन प्रमुख चरण होंगे:
1.a. शुरुआत में 3 से 5 मिनट का माइंडफुलनेस चेक इन।

1.b. 5 मिनट की ध्यान देने की प्रक्रिया पर चर्चा- इसमें हर सप्ताह कुछ अलग अलग बच्चों से उनका अनुभव पूछे और चर्चा करें।
शिक्षक से अनुरोध है कि वे बच्चों को किसी भी अपेक्षित परिणाम का सुझाव न दे बल्कि बच्चों को स्वयं के अंदर खोज कर जवाब देने में मदद करें।
2. माइंडफुलनेस के अभ्यास के तहत शरीर में चल रही घटनाओं/अपने विचार या भावनाओं के प्रति सजगता के अभ्यास के लिए दिए गए अलग-अलग गतिविधि को क्लास में करवाएं। ये गतिविधियाँ हर सत्र (session) में अलग-अलग होंगी। इसके बाद किए गए अभ्यास पर चर्चा होगी। शिक्षक से अनुरोध है की प्रति सप्ताह होने वाले इस अभ्यास उपरांत चर्चा में अलग-अलग छात्रों को अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करें और कोशिश करें कि 3 से 4 सप्ताह में हर बच्चा अपनी बात ज़रूर रखें।

3. क्लास अंत करते हुए आख़िर में हर रोज़ की तरह 2 मिनट का माइंडफुलनेस का अभ्यास

ध्यान रखने की बातें :
  • ध्यान रखें कि इस दौरान बच्चों को किसी शब्द या मंत्र का उच्चारण करने को न कहें।
  • हैप्पीनेस व ध्यान की कक्षा में किसी तरह के तनावपूर्ण अभिव्यक्ति जैसे- किसी बात पर बच्चों को सख़्त शब्दों में निर्देश न दें व उनपर किसी प्रकार का दबाव न डालें।
  • चर्चा के दौरान सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
शिक्षक के लिए कुछ विशेष ध्यान में रखने की बातें:
  • ध्यान की इस कक्षा में आप स्वयं भी सक्रिय भागीदार बनें। जैसे, ध्यान का अभ्यास करवाते समय आप भी अभ्यास करें।
  • जब कक्षा में प्रवेश करें तो अपनी मनःस्थिति को लेकर सजग रहें व कोशिश करें कि आपके विचार और भावनाएँ स्थिर रहें। याद रखें कि बच्चा शिक्षक के व्यवहार पर भी ध्यान देता है।
  • बच्चों के साथ प्यार, सौहार्द व विनम्रता के साथ पेश आएँ और मधुर भाषा में बात करें।
  • ध्यान की प्रक्रिया शुरू होने के पहले यह सुनिश्चित करें कि कक्षा का वातावरण शांत हो और हर बच्चा अपने आप को सहज महसूस करे। यह भी देखें कि ध्यान के पश्चात वह अपने अनुभव साझा कर सके। कोई भी बच्चा एक सुरक्षित और सहज वातावरण में ही अपनी बात कहना चाहता है या कह पाता है।
  • ध्यान के अभ्यास से हमारा उद्देश्य विचारों या भावनाओं से दूर होना या उनको दबाना नहीं हैं। हमारे इस प्रयास का उद्देश्य बच्चों को अपने वातावरण, संवेदनाओं, विचारों एवं भावनाओं के प्रति सजग करना है जिससे वे अपने सामान्य व्यवहार में सोच-विचार करके बेहतर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो जाएँ।  
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  • सत्र 1 (Understanding Breathing)
  • सत्र 2 (साइमन कहता है)
  • सत्र 3 (आलाप)
  • सत्र 4 (Mindful Breathing)
  • सत्र 5 (निर्देश अनुसार कार्य करना)
  • सत्र 6 (Mindful Listening)-I
  • सत्र 7 (Mindful Listening)-II
  • सत्र 8 (Mindful Smelling)
  • सत्र 9 (Mindful seeing)-I
  • सत्र 10 (Mindful seeing)-II
  • सत्र 11 (Heartbeat Activity)
  • सत्र 12 (Mindful Touch)
  • सत्र 13 (Mindful Scribbling)
  • सत्र 14 (Mindful Stretching-I )
  • सत्र 15 (Mindful Stretching-II )
  • सत्र 16 (Mindful Walking)
  • सत्र 17 (Mindfulness of Feelings)
  • सत्र 18 (Mindfulness of Feelings- II)

30. मुझमें क्या बदला पहचानो

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को अपने वातावरण के प्रति सजग करना
आवश्यक सामग्री: कुछ नहीं

शिक्षक नोट:
हमारे चारों ओर कुछ न कुछ बदलता ही रहता है I आस-पास हुए बदलाव की ओर विद्यार्थियों का ध्यान जाए और वे अपने वातावरण के प्रति सजग हो पाएँI इससे उनमें आस-पास में हुए बदलाव के प्रति सजगता और आस पास हो रहे बदलावों के प्रति स्वीकार्यता भी आएगी I सजगता का अभ्यास (ध्यान से देखना और सुनना)उन्हें अपने कार्यों को अच्छे तरीके से करने में सहायक होगी।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. 10 विद्यार्थियों को गोलाकार बनाकर खड़े होने के लिए कहेंगेI
2. विद्यार्थी पहले गोलाकार में अन्दर की ओर मुँह करके खड़े होंगे और एक दूसरे को अच्छे से देखेंगेI
3. अब विद्यार्थियों को बाहर की ओर मुड़ने के लिए कहेंI
4. अब गोलाकार में खड़े सभी विद्यार्थिओं को अपने अन्दर कुछ बदलना होगाI जैसे–
- कालर खड़ा करना
- अपने बाल बिगाड़ना
- कमीज की बाजु मोड़ना
- अपनी पैंट मोड़ना
- चोटी आगे करना
5. विद्यार्थिओं को वापस मुड़ने के लिए कहेंI
6. अब सभी विद्यार्थिओं को एक दूसरे में हुए बदलाव को पहचानना होगाI
(विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता का प्रयोग कर सकते हैंI)

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. आपने अपने वेश में क्या बदला? आपने वैसा ही बदलाव क्यों किया?
2. क्या कुछ बदलाव अच्छे भी होते हैं ? यदि हां तो कैसे ?
3. आपको अपने साथियों में कुछ बदला हुआ देख कर कैसा लगा?
4. आप अपनी कौन-सी बात या आदत बदलना चाहते हैं? क्यों?
5. क्या आप अपने किसी दोस्त की कोई आदत बदलना चाहते हैं? क्यों?
6. किसे बदलना आसान है – खुद को या दूसरे को? क्यों?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
कक्षा में एक सहज वातावरण बनाए रखें।

करके देखें:
घर जाकर अपने माता-पिता से चर्चा करें की आप अपनी कौन-कौन सी आदतें बदलना चाहते हैं और वे आपकी इसमें कैसे सहायता कर सकते हैं। अगले दिन कक्षा में चर्चा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

29. मुझे पहचानो

गतिविधि का उद्देश्य: इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने साथियों को जानने और समझने का अवसर मिलेगाI
आवश्यक सामग्री: एक रूमाल

शिक्षक नोट:
जब हम एक दूसरे को जानते और समझते हैं तो हमें अच्छा लगता है I एक दूसरे को जानना हमें अपने व्यवहार में सहज भी बनाता है और हम सहयोगी रूप में एक दूसरे के लिए उपस्थित रहते हैंI

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. बच्चों को आपस में बातचीत करने के लिए 5 मिनट का समय देंI
2. एक बच्चे को सामने बुलाएँ और उसकी आँखों पर रुमाल बांधेंI
3. अब किसी अन्य विद्यार्थी को सामने बुलाएँI
4. दूसरा विद्यार्थी पहले विद्यार्थी को अपने बारे में कुछ बताएI
5. जिस विद्यार्थी की आँखें बंद हैं, वह दूसरे विद्यार्थी को पहचानेI
6. बच्चे बदल बदल कर यह गतिविधि कराएँI
(गतिविधि को रोचक बनाने के लिए रचनात्मकता का प्रयोग करने का अवसर देंI)

गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. जब आप अपने साथी को पहचान पाए, तो कैसा लगा?
2. क्या अपने साथियों को जानना ज़रूरी है? क्यों?
3. आप अपने दोस्तों के बारे में क्या क्या जानते हैं?
4. हम दूसरे को किन तरीकों से पहचान पाते हैं?
5. आप अपने दोस्त की कौन सी बातें जानना चाहेंगे? (उनके कहे बिन्दुओं को बोर्ड पर लिखने के बाद उन्हें अपने दोस्तों से बात करके एक दूसरे को और जानने का अवसर दें।)

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें :
आज घर जाकर इस गतिविधि के बारे में चर्चा करें और सबको बताएँ कि आप अपने दोस्तों के बारे मे क्या नया जान पाए।
अगली हैप्पीनेस क्लास में अपने अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

28. सुरक्षित द्वीप

गतिविधि का उद्देश्य: आस पास होने वाले बदलाव के अनुरूप निर्णय लेकर कार्य करना। समूह में रहते हुए उसके सभी सदस्यों के प्रति ज़िम्मेदारी का एहसास करना।
आवश्यक सामग्री:
फर्श पर वृत्त बनाने के लिए चॉक
(इस गतिविधि के लिए विद्यार्थियों के डेस्क किनारे लगाकर बीच में स्थान बनाया जा सकता है या बाहर मैदान में ले जाया जा सकता है।)

शिक्षक के लिए नोट:
कोई भी समूह एक परिवार की तरह होता है। उस में सभी की अपनी भूमिकाएँ होती हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे मिल-जुल कर साथ में उनका सामना करते हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण यह है कि एक दूसरे पर भरोसा बना रहे, और एक दूसरे की तरफ़ ध्यान भी जाए। ऐसा होने से हम अपने को ज़्यादा मज़बूत स्थिति में पाते हैं। हमें बल मिलता है और अपने लक्ष्य को हम ज़्यादा अच्छे तालमेल के साथ प्राप्त कर पाते हैं।
इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों को संबंधों में एक दूसरे के प्रति ज़िम्मेदारी का एहसास पनपेगा और कक्षा में भी ज़्यादा खुशहाली, विश्वास और सहयोग का माहौल बनेगा।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • ज़मीन पर, थोड़ी थोड़ी दूर पर कुछ बड़े वृत्त बनाएँ, जिससे प्रत्येक में लगभग 5 विद्यार्थी खड़े हो सकें।
  • हर वृत्त को एक एक द्वीप के रूप में माना जाए और उन्हें कुछ मज़ेदार नाम दें। यहाँ फिलहाल हमने द्वीपों का नाम A, B, C, D, E लिया है।
  • विद्यार्थियों को अलग अलग द्वीपों पर खड़ा होने के लिए कहें।
  • अलग-अलग द्वीपों पर मौसम का विवरण दे जैसे- "द्वीप A पर तेज़ गर्मी है। द्वीप B पर बारिश हो रही है। द्वीप C पर ठंड है। द्वीप D पर बर्फबारी हो रही है। द्वीप E पर तूफान है।
  • ये घोषणाएँ एक के बाद एक की जाएँ और बच्चे मौसम के अनुसार व्यवहार/एक्शन करें।
  • "द्वीप B डूब रहा है। अपने आप को बचाएं!” यह घोषणा करते हुए धीरे धीरे सर्कल B को मिटा दें।
  • द्वीप B के विद्यार्थी स्वयं को बचाने के लिए किसी अन्य द्वीप पर जाएँ। दूसरे द्वीपवासी विद्यार्थी उनका कैसे सहारा बनेंगे, यह भी देखना है।
  • एक एक करके द्वीप ख़त्म होते जाएँगे और अंत में केवल दो द्वीप बचेंगे।
  • सभी को अपनी समझ के अनुसार खुद को सुरक्षित करना है और दूसरों की मदद भी करनी है।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • सभी द्वीपों में क्या-क्या बदलाव हुए? (जैसे तेज़ गरमी, बारिश आदि)
  • जब तेज़ बारिश होती है तो आप क्या करते हैं? (इस प्रकार तेज़ गरमी, ठंड आदि प्रकृति के बदलाव के बारे में चर्चा करें)
  • आपको क्यों लगा कि आपके द्वारा चुना गया द्वीप सभी द्वीपों में से सबसे सुरक्षित है?
  • जब आपका द्वीप डूब गया, तो आप अकेले किसी अन्य द्वीप पर कूद गए या अपने दोस्तों को अपने साथ ले गए?
  • क्या मुसीबत में कभी आपने अपने साथियों की मदद की है? क्यों?
  • क्या आप किसी समस्या के आने पर किसी से मदद मांगने में झिझकते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
  • (शिक्षक उद्देश्य से सम्बन्धित अपनी कोई घटना सुना सकते हैं।)
ध्यान दें:
  • विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार गतिविधि के कठिनाई के स्तर को बदलते रहें।
  • गतिविधि के निर्देशों की स्पष्टता खेल की रोचकता के लिए ज़रूरी है।
  • उत्साह पैदा करने के लिए आवाज़ में उतार चढ़ाव रखें।
  • विद्यार्थियों को सकारात्मक विचारों की ओर ले जाएँ।
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें :
आज घर जाकर यह गतिविधि अपने दोस्तों के साथ भी करें।
अगली हैप्पीनेस क्लास में हम अपने अनुभव साझा करेंगे।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

27. पहचान कौन?

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों में ध्यान देने, और सूक्ष्म अवलोकन (minute observation) की प्रक्रिया को पुष्ट करना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट: कभी कभी एक समान दिखने वाली वस्तु/क्रिया में कुछ विशिष्ट भी छिपा रहता है। सूक्ष्म अवलोकन (minute observation) से समूह में छिपे विशिष्ट को भी पहचान सकते हैं।
साथ में मिल कर काम करने से और किसी काम को पूरा करने से एक दूसरे को और अच्छे से जानने का मौका मिलता है। इससे आपस में ताल-मेल बढ़ता है, मित्रता बढ़ती है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को एक सर्कल/गोलाई में खड़े होने के लिए कहें।
  • उनमें से 3 को 'जासूस' बनाएँ और कक्षा से बाहर जाने के लिए कहें।
  • सर्कल में मौजूद विद्यार्थियों में से एक विद्यार्थी को ‘कैप्टन’ बनाएँ।
  • कैप्टन कुछ क्रिया करेगा जैसे - अपना कान छूना, सिर खुजाना, हाथ ऊपर करना आदि।
  • अन्य विद्यार्थी उसकी नक़ल करें।
  • कैप्टन क्रिया/एक्शन थोड़ी-थोड़ी देर में बदलता रहेगा।
  • जासूस आएँगे और समूह के कैप्टन की पहचान करने की कोशिश करेंगे।
  • जब जासूस सफल होगें तो अगला राउंड शुरू कर सकते हैं जिसमें एक नया कैप्टन और 3 नए जासूस बनाएँ।
  • गतिविधि को 3-5 बार दोहराएँ।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • जिन विद्यार्थियों को जासूस के रूप में काम करने का अवसर मिला, उनसे पूछें –
    • आप कैप्टन की पहचान कैसे कर पाए?
    • क्या इस गतिविधि में अपने साथियों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता थी? क्यों या क्यों नहीं?
  • अब उनसे प्रश्न किया जाए जो गोला बनाकर खड़े थे –
    • पहचाने न जाने के लिए आप लोगों ने किन बातों का ध्यान रखा?
  • सभी से प्रश्न –
    • हम सबमें क्या-क्या समानताएँ दिखती हैं?
    • कौन कौन से काम ऐसे होते हैं जो हम सभी करते हैं? (चलना, खाना, पीना, पढ़ना, आदि।)
    • हम इन कामों को एक ही तरीक़े से करते हैं या अलग-अलग?
    • वो कौन से तरीके हो सकते हैं? चलने, खाने, पीने, पढ़ने के अलग अलग तरीकों का अभिनय करके दिखाएँ।
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

ध्यान दें:
  • गतिविधि के नियम स्पष्ट रूप से समझा दें।
  • एक बार गतिविधि को करके बताएँ।
  • स्वयं भी गतिविधि का हिस्सा बनें।
करके देखे :
आज घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों के व्यवहार को ध्यान से देखें और किसी ऐसी बात की ओर ध्यान दें जिसकी ओर आपका ध्यान शायद पहले न गया हो। कल अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

26. खोया कार्ड

गतिविधि का उद्देश्य: बच्चे सभी काम को ध्यानपूर्वक कर पायें I साथ ही, याद रखने की क्षमता का विकास होI
आवश्यक सामग्री: कागज़ की कुछ पर्चियाँ या कार्ड

शिक्षक नोट:
इस गतिविधि द्वारा बच्चों में किसी काम को ध्यान देकर करने का अभ्यास होगाI बच्चे सुनी हुई बातें और देखी हुई वस्तुएँ बेहतर याद रख पाएँगेI किसी भी काम को ध्यान देकर करने से हम काम को सही प्रकार कर पाते हैं और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता हैI

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. शिक्षक कागज़ की लगभग 10 पर्चियाँ बनाएँI
2. हर पर्ची पर शिक्षक एक एक कथन लिखें जैसे –
    • माँ बहुत काम करती है I
    • पापा मेरा ध्यान रखते हैं I
    • मै दोस्तों की मदद करता हूँ I
    • दादा जी सब्जी लेकर आते है I
    • मैं रोज़ स्कूल आता हूँ I
3. शिक्षक एक बच्चे को आगे बुलाएँ और उनमें से कोई पाँच पर्चियाँ दिखायेंI
4. पर्ची पर लिखे कथन को पढ़ कर सुनाएँI
5. शिक्षक बच्चे को दूसरी तरफ घूमने के लिए कहेंI
6. पाँचों में से एक पर्ची निकाल लेंI
7. बची हुई चार पर्चियाँ फिर से दिखाएँ और पढ़ कर सुनाएँ I
8. अब सभी बच्चों से यह पूछा जाए कि कौन-सी पर्ची गायब हो गईI
9. जो पर्ची ग़ायब हुई है आगे आए विद्यार्थी को उस पर्ची पर लिखे वाक्य से सम्बंधित कुछ बताना होगा या उस कथन का अभिनय करना होगा।
10. बारी-बारी से एक-एक बच्चे को बुलाकर गतिविधि कराई जाए। इनमें नई पर्चियाँ जोड़ते जाएँI

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. आपमें से जो भी खोई पर्ची जल्दी पता लगा पाए, वे ऐसा क्यों कर पाए?
2. किसी काम को ध्यान देकर करने से कैसा लगता है?
3. जब हम किसी काम को ध्यान से नहीं करते हैं तो क्या होता है?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें :
आज घर जाकर इस गतिविधि को अपने परिवार के साथ भी करें और कल अपना अनुभव साझा करें ।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

25. धन्यवाद करें हम सबका

गतिविधि का उद्देश्य: हमारे जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओं के पीछे जिन जिन का योगदान व श्रम लगा होता है, उनकी ओर विद्यार्थियों का ध्यान ले जाना तथा उनके प्रति कृतज्ञ हो पाना।
आवश्यक सामग्री: किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक के लिए नोट:
कृतज्ञता एक ऐसा भाव है जिसकी पहचान से ही हम दूसरों के साथ अपने सम्बन्ध को पहचान पाते हैं, उन्हें अपनी ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण अंग मान पाते हैं। अन्यथा उनके प्रति उदासीन और तटस्थ (indifferent) होते हैं। जैसे ही हमें लोग महत्वपूर्ण लगने लगते हैं, हम उनके प्रति संवेदनशील भी हो जाते हैं। अभी हमारा ध्यान अकसर अपने ऊपर ही रहता है। कृतज्ञ होने से हमारा ध्यान दूसरों की ओर भी जाने लगता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • पहले विद्यार्थियों को गतिविधि के उद्देश्य से सम्बंधित कोई घटना या कहानी सुना सकते हैं। उदाहरण के लिए, आज सुबह नाश्ता बनाते समय मेरा ध्यान इस बात पर गया कि रोटी बनाने के लिए जो आटा है, उसे मेरे किचन में आने तक कितने लोगों ने मदद की। आटा किसी ने बहुत संभालकर अपनी दुकान में रखा, दुकान में आने से पहले उसे कोई ट्रक में लाद कर लाया, उससे पहले उसे किसी ने गोदाम में रखा, उससे पहले उसे किसी ने उगाया... । (क्रमवार तरीके से नाम बोर्ड पर लिखते चलें।)
  • अब विद्यार्थियों से चर्चा करें। जैसे, जो यूनिफार्म पहनी हुई है - किसी ने सिली, किसी ने डिज़ाइन बनाया, किसी ने कपास उगाया। मिड-डे-मील खेत से उनकी थाली तक पहुँचने में किस किस का योगदान था? उदाहरण; मिड-डे-मील उनकी थाली में परोसने वाले का, मिड-डे-मील स्कूल तक पहुँचाने वाले का, खाना बनाने वाले का, जिस दुकान से चावल/ अन्य सामग्री ख़रीदी गयी उस दुकानदार का, खेत से दुकान तक पहुँचाने वाले का, खेत में अनाज, सब्ज़ी व अन्य सामग्री का उत्पादन करने वाले का। (क्रमवार तरीके से नाम बोर्ड पर लिखते चलें।)
(इस चर्चा में पहले विद्यार्थी यह पहचाने कि किसी भी चीज़ को उन तक पहुँचाने के लिए किस किस का योगदान है, फिर उसमें कितना समय व श्रम लगा होगा और फिर क़रीबन कितने लोग लगे होंगे। इस पर ध्यान जाने से विद्यार्थियों के मन मे स्वतः कृतज्ञता का भाव आएगा| जैसे एक मिड डे मील पहुँचाने के लिए एक हज़ार से भी अधिक लोग लगे हैं - यह देख विद्यार्थियों के अंदर कुछ जुड़ाव एवं कृतज्ञता के भाव आएंगे।)
  • इसी प्रकार कक्षा में उपलब्ध विभिन्न वस्तुओं के बारे में विद्यार्थियों को कड़ी पहचानते हुए बात रखने का अवसर दें। (क्रमवार तरीके से नाम बोर्ड पर लिखते चलें।)
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या कोई ऐसा काम हो सकता है जो बिना किसी की मदद के किया जा सकता है या जिसके होने में अन्य किसी की कोई भूमिका न हो? (यदि कोई इस तरह की बात साझा की जाती है तो उस कार्य से जुड़े अन्य लोगों तक ध्यान ले जाएँ।)
  • आपके घर में आपके लिए कौन-कौनसे सदस्य कुछ कार्य करते हैं, जिनके प्रति आप आभार महसूस करते हैं? क्यों?
  • क्या आप अपने किसी दोस्त के प्रति आभार महसूस करते हैं? यदि हाँ, तो किसके प्रति और क्यों?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

ध्यान दें:
  • इसमें ब्लैकबोर्ड का प्रयोग अवश्य करें, इससे विद्यार्थियों का ध्यान बना रहेगा और बातें ज़्यादा स्पष्ट भी होंगी।
करके देखें :
आज घर जा कर चर्चा करें कि किन-किन लोगों का हमारे जीवन में योगदान है और उनका आभार किस प्रकार व्यक्त्त कर सकते हैं। कल कक्षा में अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

24. आओ डर साझा करें

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को अपनी एवं अपने साथियों की भावनाओं से अवगत कराना। विद्यार्थियों का ध्यान स्वयं की भावनाओं पर जाए और वे उनके बारे में बात कर पाएँ। विद्यार्थियों में यह जागरूकता भी लाना कि उनके साथियों में भी उनके जैसी ही भावनाएँ हैं।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक के लिए नोट :
जब हम अपनी भावनाओं से परिचित होते हैं तो ज़्यादा संयमित और अच्छा व्यवहार कर पाते हैं। जब हम अपनी भावनाओं पर ध्यान दे पाते हैं, तो हम दूसरों की भावनाओं को समझने में भी सक्षम होते हैं। अपनी भावनाओं को सही प्रकार से अभिव्यक्त कर पाने और दूसरों की बात को सुनने का अभ्यास भी बनता है।
जब हम अपनी भावना को पहचान कर दूसरों के आगे व्यक्त करते हैं और दूसरे उसे सुनकर हमें समझते हैं तो हमारा विश्वास बढ़ता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को गोलाई में बिठाएं और ख़ुद भी साथ बैठें।
  • पहले अपने बारे में बात करें। इससे विद्यार्थियों की हिचकिचाहट दूर होगी। उदाहरण - “आज मैं आपको बताऊंगा/गी कि मुझे किससे डर लगता है। जैसे - मुझे रात को अकेले बाहर जाने में डर लगता है। मुझे छिपकली से डर लगता है।” 
  • अब एक-एक विद्यार्थी से बारी-बारी से उनके डर बताने को कहें।
  • जब कुछ या अधिकतर विद्यार्थी अपना डर बता दें, तो आगे के प्रश्न पूछें।
गतिविधि में चर्चा के लिए प्रश्न:
  • आपको अपनी बात कहते समय कैसा लगा?
  • क्या आपको लगता है कि अब आप ज़्यादा खुलकर मुझसे और दोस्तों से दूसरी बातें भी कर सकेंगे?
  • हमें डर क्यों लगता है?
  • कुत्तों से किन्हें डर लगता है? आपको उनसे डर क्यों लगता है?
  • कुत्तों से किन्हें डर नहीं लगता है? आपको उनसे डर क्यों नहीं लगता है?
  • क्या आपको किसी परिचित से भी डर लगता है? क्यों या क्यों नहीं?
(विद्यार्थियों का ध्यान इस ओर ले जाएँ कि हम जिन्हें समझते हैं या जिनसे परिचित होते हैं, हमें उनसे डर नहीं लगता है। जैसे- कुत्ते से अधिकतर बच्चों को डर लगता है क्योंकि वे भौंकते हैं या काटते हैं, परंतु कुछ विद्यार्थी कुत्तों से नहीं डरते होंगे क्योंकि वे यह समझते/जानते हैं कि ज़्यादातर कुत्ते ऐसा तब करते हैं, जब वे ख़ुद डरे होते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें हमसे ख़तरा है। समझ से विश्वास आता है।)

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें और क्या न करें:
  • विद्यार्थी को ऐसा वातावरण दें कि वे खुलकर अपनी बात कह पाएँ।
  • कोशिश करें कि सभी विद्यार्थी अपनी कोई न कोई बात रखें।
करके देखें :
आज घर जाकर अपने परिवार से आज की गतिविधि के बारे में बातचीत करें। आपने और आपके साथियों ने जो कक्षा में चर्चा की, उसके बारे मे बताएँ।
अगली हैप्पीनेस क्लास में अपने अनुभव साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

23. हम हैं अच्छे

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी अपनी अच्छी बातें पहचान पाएँ एवं व्यक्त कर पाएँ।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक के लिए नोट :
जब हम अपने महत्व को पहचानते हैं तो तृप्ति महसूस करते हैं। अपनी ज़िंदगी में हम जब भी कोई सही काम करते हैं, कुछ अच्छा करते हैं या कुछ ऐसा करते हैं जिससे दूसरों की सहायता हो, तब हमारा आत्मबल बढ़ता है। इन बातों को सहजता से जब हम दूसरों के आगे व्यक्त करते हैं और दूसरे उन्हें सुनकर हमें प्रोत्साहित करते हैं, तो हम अच्छा महसूस करते हैं। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। हम और अच्छा करने के लिए तथा अच्छा जीने के लिए प्रेरित होते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि विद्यार्थियों का ध्यान दूसरों की अच्छी बातों पर जा पाए। इससे छात्रों के बीच अच्छे सम्बन्ध स्थापित होंगे। अक्सर हमारा ध्यान दूसरों पर तब जाता है जब वह कोई गलती करता है। केवल दूसरे की ग़लतियाँ देखने से सम्बन्धों में दरारें आती हैं। हर व्यक्ति में अच्छी बातें होती ही हैं। उन बातों के दिखने पर हम उस व्यक्ति की ग़लतियों से प्रभावित नहीं होते। दूसरों की अच्छी बातों को पहचानने से हमें और अच्छा करने की प्रेरणा भी मिलती है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर लाकर एक गोलाई में खड़ा होने के लिए कहें। (चाहें तो विद्यार्थियों को 10-10 के समूह में अलग-अलग भी यह गतिविधि करा सकते हैं।) 
  • शिक्षक खुद भी उस गोलाई का हिस्सा बनें।
  • विद्यार्थियों को बताया जाए कि किसी मज़ेदार चाल से एक व्यक्ति बीच में आए और अपना नाम और अपने बारे में एक अच्छी बात बताए। (कोई भी बात जो विद्यार्थियों को अपने बारे में अच्छी लगती हो, जैसे - मैं सुबह उठ कर अपने-आप नहाता/नहाती हूँ या, मैं घर पर अपनी मम्मी को नहीं तंग करता/करती; मैं स्कूल में सबके साथ मिलकर खेलता/खेलती हूँ आदि।)
  • शिक्षक पहले स्वयं ऐसा करके दिखाए।
  • अब सभी विद्यार्थियों को एक एक करके आगे आकर अपना नाम और एक अच्छी बात साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
(अवसर मिलने पर, इस गतिविधि को आगे बढ़ाते हुए कुछ ऐसा भी किया जा सकता है। इस बार बीच में आने वाला व्यक्ति अपने किसी साथी का नाम लेते हुए उसकी कोई एक अच्छाई बताए। अब वह साथी बीच में आएगा और वह किसी और साथी के बारे में बताएगा। यह क्रम तब तक चले, जब तक सभी बच्चों की बारी आ न जाए।)

गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपको अपने बारे में बात करके कैसा महसूस हो रहा था?
  • अपने दोस्तों की अच्छी बातें जानकर कैसा लगा?
  • क्या आपको आगे आने में झिझक हुई? क्यों/ क्यों नहीं?
  • आपके साथियों की ऐसी कौन सी अच्छी बातें थीं जो आप चाहते हैं कि आप में भी हों?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें:
  • शिक्षक का गतिविधि में स्वयं शामिल होना न केवल गतिविधि को समझने में विद्यार्थियों की मदद करेगा, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों के करीब भी लाएगा।
  • समय-समय पर विद्यार्थियों को सहायता देना और प्रोत्साहित करना भी ज़रूरी है।
  • सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
करके देखें :
आज इस गतिविधि को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ करेंगे और कल अपना अनुभव साझा करेंगे।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

22. आया आंटी सबसे अच्छी

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों का ध्यान कृतज्ञता के भाव की ओर ले जाना।
आवश्यक सामग्री: किसी भी पेपर से फूल बना लें या फिर एक पेपर पर धन्यवाद (Thank You) लिखें।

शिक्षक के लिए नोट:
कृतज्ञता एक ऐसा भाव है जिसकी पहचान से ही हम दूसरों के साथ अपने सम्बन्ध को पहचान पाते हैं | उन्हें अपनी ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण अंग मान पाते हैं| अन्यथा उनके प्रति उदासीन और तटस्थ (indifferent) होते हैं| जैसे ही हमें लोग महत्वपूर्ण लगने लगते हैं, हम उनके प्रति संवेदनशील भी हो पाते हैं। अभी हमारा ध्यान अक्सर अपने ऊपर ही रहता है। कृतज्ञ होने से हमारा ध्यान दूसरों की ओर भी जाने लगता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण :
  • विद्यार्थियों को आया आंटी से मिलवाएँ। (अब उन्हें सब जानते हैं।)
  • चर्चा करें कि आया आंटी (स्कूल की आया का नाम ले सकते हैं) हम सब के लिए क्या-क्या करती हैं।
  • विद्यार्थी बारी-बारी से बताएँ कि आया आंटी हमारे लिए क्या क्या करती हैं।
  • विद्यार्थियों से चर्चा करें कि अगर उन्हें लगता है कि आया आंटी उनके लिए बहुत काम करती हैं, तो हम उनके प्रति कृतज्ञता/आभार किस प्रकार दिखा सकते हैं।
  • अब सब विद्यार्थी मिलकर आया आंटी को फूल या धन्यवाद कार्ड दें।
(विद्यालय के अन्य सहयोगियों जैसे सफाई कर्मी, गार्ड, प्रधानाचार्य, अध्यापक आदि के लिए भी यह गतिविधि की जाए।)

गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपने कभी आंटी को धन्यवाद किया है?
  • हम आया आंटी के लिए क्या क्या कर सकते हैं?
  • हमारे लिए और कौन से लोग विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं?
  • आपकी लंच (lunch) के समय कौन मदद करता है?
  • आपको शौचालय (bathroom/toilet) तक कौन लेकर जाता है?
  • आप स्कूल में और किस-किसका धन्यवाद करना चाहेंगे? क्यों?
  • आप घर में किस-किसका धन्यवाद करना चाहेंगे? क्यों?
  • इनके अलावा आप कोई ऐसी घटना बताइए जब किसी ने आपकी मदद की थी? बदले में आपने क्या किया था?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें:
  • ध्यान दें कि सभी विद्यार्थी चर्चा में भाग लें।
  • विद्यार्थियों को अपनी बातें सही प्रकार से बोलने में सहायता करें।
  • खुद ही आया आंटी का धन्यवाद करके गतिविधि शुरू करें।
  • ध्यान दें कि सकारात्मक बातें ही बोली जाएँ।
करके देखें :
आज घर पर अपने परिवार के सदस्य जो कुछ भी आपके लिए करते हैं उसके लिए उनका आभार व्यक्त्त करें और कल अपना अनुभव साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

21. मैं क्या नहीं

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को अपने साथियों एवं स्वयं के बारे में जानने का अवसर मिले I
आवश्यक सामग्री: कुछ नहीं

शिक्षक नोट:
हमारी अपने साथियों के बारे में कुछ मान्यताएं बन जाती हैंI इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थी अपने साथियों के बारे में सही सही जान पाएँगेI उन्हें अपने बारे में दूसरों की नज़र से भी जानने का अवसर मिलेगा।
हम अपनी ही कई खूबियों और कमियों को नहीं जानते, या जानते हुए भी उस पर ध्यान नहीं देते। साथियों से अपने बारे में अच्छे विचार जानकर जहां एक ओर स्वयं के प्रति विश्वास दृढ़ होता है, वहीं दूसरी तरफ़ अपनी कमी जानना स्वयं को सुधारने का अवसर देता है।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. एक विद्यार्थी को सामने बुलाएँI
2. सामने आया विद्यार्थी अपने बारे मे तीन बातें बोलें, जिनमें से दो सही और एक ग़लत हो।
(विद्यार्थियों को 1-2 उदाहरण देकर समझाया जा सकता है।)
3. कक्षा के बाक़ी विद्यार्थियों को यह बताना है कि सामने खड़े विद्यार्थी ने अपने बारे में क्या ग़लत बताया है।
4. बारी-बारी से सभी विद्यार्थियों को सामने बुलाकर गतिविधि कराएँ I
(विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता का प्रयोग करने का अवसर दें I)

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. आपको अपने बारे में क्या नया पता चला?
2. आप अपने साथियों के बारे मे क्या-क्या नया जान पाए?
3. क्या आपको अपने साथियों के बारे में कुछ नया जानकर अच्छा लगता है? क्यों या क्यों नहीं?
4. क्या आपको यह जानकर अच्छा लगता है कि मुझे मेरे साथी अच्छी तरह जानते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
5. क्या आपको ऐसा लगता है कि आप अपने साथियों के बारे में सब कुछ जानते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
6. क्या आपको अपने साथियों की अच्छाइयां और कमियां जानना ज़रूरी लगता है? क्यों या क्यों नहीं?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें :
आज घर जाकर बातचीत करें और जानने का प्रयास करें कि आप अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जितना जानते हैं, क्या वह सही है। उन्हें अपने बारे में 1-2 बातें बताने के लिए भी कहें। अगली हैप्पीनेस कक्षा में अपना अनुभव साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

20. भावों की पहचान

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं से परिचित कराना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट :
हमारे अंदर कई प्रकार के भाव होते हैं। उन्हें पहचानने के लिए हमें थोड़ा रुक कर सोचना होता है या ध्यान देना होता है। ध्यान देने पर हम अपने भाव को पकड़ पाते हैं। उस भाव का हमारे आस-पास के वातावरण पर भी असर पड़ता है। खुश होते हैं तो ख़ुशी से ही प्रस्तुत होते हैं। ख़ुशी से प्रस्तुत होते हैं तो सामने वाला भी ख़ुशी महसूस करता है। अगर हम परेशान होते हैं तो परेशानी ही बांटते हैं।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों से अपने बारे में साझा करें कि आप आज कैसा महसूस कर रहे है - “मैं आज बहुत खुश हूँ। या आज मैं सुस्ती महसूस कर रहा/रही हूँ।”
  • विद्यार्थियों से ख़ुशी, सुस्ती, भूख, शर्म जैसे भावों के बारे में संक्षिप्त में बात करें।
  • अब विद्यार्थियों से कहें कि जिन्हें भी ख़ुशी महसूस हो रही है वे clap clap clap बोलते हुए ताली बजाएँ।
  • ‘क्या आपको नींद आ रही है/ सुस्त महसूस कर रहे हैं?’ अब अपनी आँखों को बिना छुए उसे मलने का अभिनय करें।
  • यदि आपको भूख लग रही है तो दोनो हाथ पेट पर रखें।
  • इसी प्रकार अनेक भावों को क्रिया रूप में (with actions) व्यक्त करवाएँ।
  • एक बार फिर सभी भावों को क्रिया के साथ दोहरायें।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या हम रोज़ एक जैसा महसूस करते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
  • क्या आप जैसा महसूस कर रहे होते हैं उसी भाव (feeling) के अनुसार बातचीत करते हैं? जैसे जब खुश होते हैं तो दूसरे से खुश हो कर ही बात करते हैं या उदास होकर? या जब आप उदास होते हैं तो दूसरे के साथ उदास होकर बात करते हैं या ख़ुशी से?
  • क्या मम्मी या पापा आप का चेहरा देख कर ही समझ जाते हैं कि आप खुश हैं या दुखी? कैसे/ क्यों?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या ना करें:
शिक्षक कई प्रकार के भावों का उदाहरण ले कर विद्यार्थियों के लिए भाव स्पष्ट करें।

करके देखें :
आज घर जाकर अपने परिवार के सभी सदस्यों से पूछें कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं और उसका कारण क्या है। अगली हैप्पीनेस क्लास में हम अपने अनुभव साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

19. इल्ली (caterpillar)

उद्देश्य: विद्यार्थियों का ध्यान विश्वास और सहयोग की भावना की ओर दिलाना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट:
विश्वास - संबंधों को बनाये रखने के लिए एक आधार मूल्य है। जब हमें एक दूसरे पर विश्वास होता है तभी हम एक दूसरे के प्रति सम्मान और स्नेह का अनुभव कर पाते हैं। विश्वास होता है तो सम्बन्ध में अच्छा लगता है, ख़ुशी होती है अन्यथा पीड़ा होती है।
सभी संबंधों में विश्वास मूल्य होना परम आवश्यक है। यही मूल मुद्दा है। हम जिसके साथ संबंध पहचान पाते हैं तो उनके साथ विश्वास हो पाता है। जैसे छोटे विद्यार्थी स्कूल के शुरुआत के दिनों में आने से डरते हैं। पर कुछ दिनों बाद जब वह शिक्षक के साथ अपना सम्बन्ध पहचान पाते हैं तो उन्हें शिक्षक पर विश्वास होता है कि वे उनका ध्यान रखेंगे।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • 8 से 10 विद्यार्थियों के समूह बनाकर पंक्तियों में बिठा लें।
  • अब एक पंक्ति को खड़ा होने के लिए कहें। पहले विद्यार्थी को इल्ली का सिर बनाएँ और उसके पीछे अन्य विद्यार्थी अपने सामने वाले की कमर पकड़कर इल्ली के शरीर का निर्माण करेंगे।
  • इल्ली का सिर बना विद्यार्थी अपनी आंखे खोल कर चलेगा।
  • इल्ली का शरीर बने विद्यार्थी अपनी आँखों को बंद रखेंगे।
  • अब इल्ली कक्षा में धीरे-धीरे चलेगा। सभी विद्यार्थी कमर पकड़कर साथ में धीरे-धीरे चलेंगे। इल्ली का सिर बना विद्यार्थी इस बात का ध्यान रखेगा कि शरीर बने साथी कहीं टकराए नहीं। (पंक्ति के अन्य विद्यार्थियों को भी इल्ली का सिर बनने का अवसर दें।)
  • इस गतिविधि को एक-एक समूह बारी-बारी से करेगा।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • जब आप आँख बंद किये हुए थे, तो आपको डर लग रहा था या भरोसा था कि आप ठीक से यह गतिविधि कर पाएँगे?
  • क्या आपने अपनी आँखे बीच में खोलीं? यदि खोलीं तो क्यों?
  • जो विद्यार्थी इल्ली का सिर बना था उसे कैसा लग रहा था? मज़ा आ रहा था या डर लग रहा था?
  • अगर डर लग रहा था तो क्यों लग रहा था? (किसी को चोट ना पहुँच जाए, इसलिए?)
  • आप क्या बनना चाहेंगे इल्ली का सिर या शरीर? क्यों?
  • क्या अपने किसी काम के लिए आप अपने किसी साथी पर भरोसा करते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें:
  • जो विद्यार्थी इल्ली का सिर बने वह थोड़ा कठिन रास्ता ले ताकि गतिविधि में मज़ा आये। पर रास्ता खतरनाक न हो।
  • आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक इल्ली के सिर बने हुए विद्यार्थी को रास्ता चुनने में मदद करे।
  • शिक्षक विद्यार्थियों के साथ चले ताकि किसी भी विद्यार्थी को चोट न लगे।
करके देखें :
आज घर जाकर इस गतिवधि को अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ करके देखें और कल अपना अनुभव कक्षा में साझा करें।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

18. आओ जोड़ते चलें

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थियों में तालमेल बढ़ाना। दूसरे की भूमिका पर ध्यान देते हुए अपनी भूमिका को अदा करना।
आवश्यक सामग्री: कोई विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षक के लिए नोट: इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थी, यदि अपने साथियों के क्रिया कलापों को ध्यान से देखते हैं, तो उस आधार पर अपनी क्रिया को सुनिश्चित कर पाएँगे। विद्यार्थियों में याद रखने की क्षमता का विकास होगा, साथ ही वह यह भी सोच पाएँगे कि उनकी अगली क्रिया क्या होगी।
यह गतिविधि विद्यार्थियों का आपस में ताल मेल बनाने में भी मदद करेगी। कक्षा में विद्यार्थियों में मित्रता होने से कक्षा का एक अच्छा और प्रेरणादायी वातावरण बनेगा। गतिविधि में शिक्षक के शामिल होकर खेलने से कक्षा में सहजता आएगी। अनुकूल वातावरण से विद्यार्थियों का विद्यालय में, कक्षा में एवं पढ़ाई में मन लगेगा।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • कक्षा में विद्यार्थियों को गोलाकार में या फिर इस प्रकार बैठाएं कि सब एक दूसरे को देख पाएँ।
  • पहला विद्यार्थी अपने हाथ/पैर के द्वारा कोई क्रिया करेगा। उदाहरण - पहला विद्यार्थी दो बार कूदा।
  • दूसरा विद्यार्थी पहले विद्यार्थी की क्रिया की नक़ल करेगा और फिर उसमें अपनी एक क्रिया जोड़ेगा। जैसे दो बार कूदने के बाद, एक बार ताली बजाना।
  • तीसरा विद्यार्थी पहले दो विद्यार्थियों की नक़ल करेगा, फिर अपनी एक क्रिया (action) जोड़ेगा।
  • यह क्रम तब तक चले जब तक कोई क्रिया के क्रम को भूल ना जाए। (ध्यान रहे कि यदि किसी विद्यार्थी से चूक हो जाए तो उसके साथ सभी लोग विनम्रता से पेश आएँ और उसे हताश न होने दें।)
  • यहां से पहले विद्यार्थी की तरह एक क्रिया (action) से पुनः शुरुआत कराई जा सकती है।
  • इसी प्रकार 2-3 राउंड चलाएँ।
गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपको सबकी क्रियाएँ याद रखकर करने में कैसा लगा?
  • क्या दूसरे की नक़ल करना ज़्यादा आसान था या अपनी क्रिया जोड़ना?
  • गतिविधि का कौनसा भाग सबसे कठिन लगा? क्यों?
  • इस गतिविधि में कौनसी बात आपको अच्छी लगी?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें :
1. यदि विद्यार्थी भूलते हैं तो विद्यार्थियों को क्रिया याद करने में मदद करें।
2. विद्यार्थियों को बीच बीच में प्रोत्साहित करते रहें।चर्चा का कोई उत्तर सही या ग़लत घोषित न करें।
3. विद्यार्थियों को पर्याप्त समय दें।

करके देखें :
आज घर जा कर इस गतिविधि को अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ करें और कल अपना अनुभव साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

17. मित्र चित्र

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी एक - दूसरे को बेहतर जान पाएँ।
आवश्यक सामग्री: पेपर और पेंसिल / स्केचपेन।

शिक्षक के लिए नोट :
विद्यार्थियों का ध्यान कक्षा में अपने सहपाठियों की ओर जाए। वे एक दूसरे को जानें और उनमें मित्रता बने। इससे कक्षा का वातावरण समझने-सीखने के लिए अनुकूल होगा। साथ ही, विद्यार्थियों का ध्यान एक दूसरे की अच्छी बातों पर जायेगा। इससे विद्यार्थियों के बीच अच्छे सम्बन्ध स्थापित होंगे। अक्सर हमारा ध्यान दूसरे पर तब जाता है जब वह कोई गलती करता है। केवल दूसरे की गलतियाँ देखने से संबंधों में दरारें आती हैं। हर व्यक्ति में अच्छी बातें होती ही है। वह दिखने पर हम गलतियों से प्रभावित नहीं होते। साथ ही, दूसरे को उसकी अच्छी बात बताने से उसमें आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मविश्वास बढ़ने से भी हम अपने संबंध और अच्छे से निभा पाते हैं।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण :
  • प्रत्येक विद्यार्थी को कागज़ दें।
  • विद्यार्थियों को अपने साथ बैठे साथी का चित्र बनाने के लिए कहें। साथ ही उसकी कोई एक अच्छी बात सोचकर रखने के लिए कहें। यदि वे लिखना चाहें तो लिख भी सकते हैं। (सभी विद्यार्थियों द्वारा चित्र बना लिए जाने पर ही आगे बढ़ें।)
  • अब विद्यार्थी अपना बनाया हुआ चित्र प्रस्तुत करें व अपने साथी का नाम और उसकी एक अच्छी बात साझा करें।
चर्चा के लिए प्रस्तावित प्रश्न:
  • क्या दूसरे की अच्छी बात सोचने में आपको समय लगा? क्यों?
  • आपको अपने बारे में अच्छी बात सुनकर कैसा लगा?
  • क्या आपको पता था कि आपका दोस्त आपके बारे में ऐसा भी सोचता है?
  • क्या आप अपने दोस्त के बारे में ऐसी कोई अच्छी बात सोच पाए जिस पर आपने पहले ध्यान नहीं दिया था?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें:
  • हर विद्यार्थी को इस बात की स्वतंत्रता हो कि वह अपने अनुसार चित्र बना सके।
  • किसी विद्यार्थी का मज़ाक़ न बने, यह सुनिश्चित करें।
करके देखें :
आज घर पर अपने परिवार और दोस्तों की एक अच्छी बात पर ध्यान दें और उन्हें बताएँ। कल अपना अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)

उद्देश्य: विद्यार्थियों के आपसी संबंध प्रगाढ़ करना एवं सहयोग की भावना को बढ़ाना।
आवश्यक सामग्री: किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं।

शिक्षक के लिए नोट:
यह गतिविधि विद्यार्थियों का आपस में ताल मेल बनाने के लिए रखी गयी है। कक्षा में विद्यार्थियों में मित्रता होने से कक्षा का वातावरण अच्छा और प्रेरणादायी बनेगा। शिक्षक के भी गतिविधि में साथ जुड़कर खेलने से ऐसे वातावरण की सृष्टि होगी। अनुकूल वातावरण से विद्यार्थियों का विद्यालय में, कक्षा में एवं पढ़ाई में मन लगेगा।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
  • विद्यार्थियों को गोलाई में खड़ा करें।
  • उन्हें बताएँ कि आप के पास एक ऐसी काल्पनिक गेंद है जो दिखाई नहीं देती।
  • इस गेंद का आकार और वजन भी निर्धारित कर दें और फिर तेज़ आवाज़ करते हुए इसे गोल घेरे में आगे बढ़ाएं।
  • प्रत्येक बच्चे को यह गेंद उसी आवाज़, वज़न और आकार के साथ मिले।
  • विद्यार्थियों से कहें कि वे गेंद देते समय गेंद का आकार और वज़न बदल सकते हैं। जैसे- विद्यार्थी गेंद देते समय ऐसी टिप्पणी कर सकते हैं-
    • "इस गेंद को ले लो यह बहुत भारी है।"
    • "गेंद बहुत गरम है, ध्यान से पकड़ें।”
    • "ओह! इस गेंद की कितनी अच्छी खुशबू है।"
  • इस क्रम को जारी रखें। अगर संभव हो सके तो एक दूसरी गेंद और एक तीसरी गेंद को भी ऐसे ही गोल घेरे में घुमाते रहें।
  • प्रत्येक विद्यार्थी काल्पनिक गेंद को विभिन्न अभिव्यक्तियों द्वारा अपने साथी को दे।
  • इस गतिविधि को दोहराया भी जा सकता है।
गतिविधि में चर्चा हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
  • आपको कौन-सी काल्पनिक गेंद सबसे मज़ेदार लगी?
  • किसकी काल्पनिक गेंद उठाना सबसे मुश्किल था?
  • और किस किस तरह की गेंद हो सकती है? कल्पना करके बताइये।
  • अन्य किन वस्तुओं के साथ आप यह गतिविधि कर सकते हैं?
  • आपके पास जब गेंद आई तो कैसा लगा? और जब अगले को दिया तब?
  • क्या आप अपनी कोई वस्तु किसी दूसरे को देते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें, क्या न करें :
  • हर विद्यार्थी गेंद को अलग-अलग अभिव्यक्ति से आगे बढ़ाए - इसके लिए आप उन्हें सुझाव दे सकते हैं।
  • विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता को प्रोत्साहित करें।
करके देखें :
घर जा कर इस गतिविधि को अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी करें और अगली हैप्पीनेस क्लास में अपने अनुभव साझा करें।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

15. हमारी ज़रूरतें

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी अपनी शारीरिक आवश्यकताओं को पहचान पाएँ, समझ जाएँ और व्यक्त करना सीख जाएँ।
आवश्यक सामग्री: एक कटोरी या डिब्बा और 6 पर्चियाँ

शिक्षक नोट: हम अपने दैनिक जीवन में बहुत सारी ज़रूरतें खुद ही पूरी करते रहते हैं। क्या हम इन्हें पहचानते हैं? क्या हम इन्हें समझते हैं? जैसे हमें भूख लगती है तो हम खाना खाते हैं क्योंकि इससे पेट भरने का सुख मिलता है। उसी तरह नींद आती है तो हम सो जाते हैं क्योंकि इससे हमें आराम मिलता है,थकान दूर होती है और सुख की अनुभूति होती है।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों का ध्यान इस दिशा में जाए।

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1.शिक्षक 6 पर्चियां अपने साथ लेकर कक्षा में जाए जिन पर अलग अलग स्थितियाँ लिखी हों। (भूख लगना, प्यास लगना, नींद आना, गर्मी लगना, ठंड लगना, थकान लगना आदि।)
2. सभी विद्यार्थियों के सामने उन पर्चियों को एक कटोरी या डिब्बी में डालें।
3. विद्यार्थियो को बारी बारी से आगे आकर पर्ची निकालने के लिए कहें।
4. वह पर्ची पर लिखी स्थिति का बिना कुछ भी बोले अभिनय करके दिखाए।

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
भूख की स्थिति में पूछे जाने वाले प्रश्न -
1. जब हमें भूख लगती है तो हम क्या करते हैं?
2. खाना खाने से क्या होता है?
3. पेट भर जाने पर कैसा लगता है?
4. क्या पेट भरने के बाद आप और खाना पसंद करेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
इसी प्रकार अन्य स्थितियों से जुड़े प्रश्न पूछे जाएँ जिससे शरीर की ज़रूरतों के सीमित होने की तरफ़ ध्यान जाए।
(अगर कहीं कोई विद्यार्थी अटक जाता है तो शिक्षक स्वयं भी उसकी जगह अभिनय कर सकता है, और इस तरह विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया जा सकता है।)

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

करके देखें :
आज घर पर ध्यान देंगे कि अपने शरीर की ज़रूरतों के लिए आपने क्या-क्या किया।
कल अपना अनुभव साझा करेंगे।  

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो

14. आओ बातें करें उनकी

गतिविधि का उद्देश्य: विद्यार्थी अपने नज़दीकी संबंधों को समझ पायें और अपने जीवन में उनकी उपयोगिता को व्यक्त कर पायें I
आवश्यक सामग्री: कागज़ की 10 पर्चियां।

शिक्षक नोट:
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने संबंधों की पहचान हो पायेगीI उन्हें अपने संबंधों के बारे मे सोचने और व्यक्त करने का अवसर मिलेगा I विद्यार्थी अपने जीवन मे संबंधों के महत्व को समझ पाएँगे I

कक्षा की शुरुआत 2-3 मिनट श्वास पर ध्यान देने की प्रक्रिया से की जाए।

गतिविधि के चरण:
1. कागज़ की 10 पर्चियाँ बनाएँI
2. प्रत्येक पर्ची पर कुछ सम्बन्धों के नाम लिखें, जैसे – माँ, बहन, दादा, मामा, चाची, दादी, भाई, दोस्त, पापा आदिI
3. पर्चियों को एक डिब्बे में रख देंI
4. एक विद्यार्थी को आगे बुलाकर एक पर्ची उठाने के लिए कहेंI
5. पर्ची में लिखा शब्द विद्यार्थी को बताएँI
6. विद्यार्थी अपनी पर्ची में लिखे सम्बंध से जुड़ी एक अच्छी याद एक-दो वाक्य में बताएँ।
7. सभी विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर दें I
(शिक्षक अपनी बातें साझा कर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गतिविधि की शुरुआत कर सकते हैं।)

गतिविधि हेतु प्रस्तावित प्रश्न:
1. हम अपने सम्बन्धियों के बारे मे क्या क्या जानते हैं?
2. हमारे सम्बन्ध हमारे लिए क्यों जरुरी हैं?
3. क्या हम अकेले रह सकते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
4. हमें अपने सम्बन्धियों के साथ अच्छा क्यों लगता है?
5. हमारे सम्बन्धी हमारे लिए क्या क्या करते हैं ?

कक्षा के अंत में 1-2 मिनट, शांति से बैठकर आज की चर्चा के निष्कर्ष के बारे में विचार करें।

क्या करें क्या न करें :
सबसे पहले शिक्षक एक पर्ची उठाकर, विद्यार्थियों के सामने अपने भाव व्यक्त करें। इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और गतिविधि को दिशा मिलेगी। करके देखें :
आज घर जाकर देखें कि आज हमने जो भी बातें कक्षा में कीं क्या वो सब हम अपने संबंधों में देख भी पाते हैं। अगली हैप्पीनेस क्लास में हम अपने अनुभव साझा करेंगे।

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  1. नमस्कार (Hello)
  2. हम सब एक समान
  3. अगर न हो तो
  4. आओ सुनें और करें
  5. मैं भी हूँ कलाकार
  6. ग़लती तो सब से हो जाती है
  7. ग़ुस्सा अच्छा या बुरा
  8. मेरी नोट-बुक
  9. सही और गलत
  10. सुन्दर-सा घर बनायेंगे
  11. हवाई जहाज़ उड़ाएंगे
  12. अनोखी चादर
  13. गुप्त संदेश
  14. आओ बातें करें उनकी
  15. हमारी ज़रूरतें
  16. काल्पनिक गेंद (Imaginary Ball)
  17. मित्र चित्र
  18. आओ जोड़ते चलें
  19. इल्ली (caterpillar)
  20. भावों की पहचान
  21. मैं क्या नहीं
  22. आया आंटी सबसे अच्छी
  23. हम हैं अच्छे
  24. आओ डर साझा करें
  25. धन्यवाद करें हम सबका
  26. खोया कार्ड
  27. पहचान कौन?
  28. सुरक्षित द्वीप
  29. मुझे पहचानो
  30. मुझमें क्या बदला पहचानो